Last Updated May - 21 - 2025, 03:05 PM | Source : Fela News
कलकत्ता हाईकोर्ट की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने मुर्शिदाबाद हिंसा पर रिपोर्ट पेश की, जिसमें पुलिस की निष्क्रियता और TMC नेताओं की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने मुर्शिदाबाद में 11 अप्रैल 2025 को वक्फ (संशोधन) कानून के विरोध में हुई हिंसा पर अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपी है। रिपोर्ट में स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता और एक स्थानीय पार्षद की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, धूलियन इलाके में हुई हिंसा के दौरान पुलिस पूरी तरह से निष्क्रिय और अनुपस्थित रही, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। एक स्थानीय पार्षद को घटनास्थल पर देखा गया, जो हिंसा होते देख वहां से चले गए, लेकिन अगले दिन भी हिंसा जारी रही।
इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई और सैकड़ों लोग विस्थापित हुए। हिंसा के दौरान कई घरों और दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। हिंसा के बाद, राज्य सरकार ने 82 परिवारों का पुनर्वास किया है और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह हिंसा से प्रभावित लोगों के लिए और अधिक प्रभावी राहत उपाय करे और एक नई विशेष जांच टीम (SIT) की रिपोर्ट प्रस्तुत करे। अदालत ने यह भी कहा है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती जारी रहेगी।
यह रिपोर्ट राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करती है और प्रशासन की जवाबदेही तय करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।