Last Updated Mar - 18 - 2025, 11:41 AM | Source : Fela News
नागपुर के महाल में सबसे पहले हिंसा भड़की, जिसमें कई लोग और पुलिसकर्मी घायल हुए। भीड़ ने 25 से ज्यादा बाइक और 3 कारों में आग लगा दी। अब तक 60-65 उपद्रवी हिरासत म
नागपुर हिंसा: औरंगजेब की कब्र विवाद के बाद भड़की आग
महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार रात औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद हिंसक हो गया। महाल इलाके में दो गुटों के बीच झड़प के बाद हिंसा भड़क उठी, जो देर रात हंसपुरी तक फैल गई। अज्ञात लोगों ने दुकानों में तोड़फोड़ की, वाहनों में आग लगा दी और जमकर पथराव किया। हालात बिगड़ने के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया।
कैसे शुरू हुई हिंसा?
सबसे पहले शाम 7:30 बजे महाल के चिटनिस पार्क के पास हिंसा शुरू हुई, जहां उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया और कई गाड़ियों में आग लगा दी। कुछ घरों पर भी पत्थर फेंके गए। इसके बाद रात 10:30 से 11:30 बजे के बीच ओल्ड भंडारा रोड के पास हंसपुरी में झड़प हुई, जहां भीड़ ने और गाड़ियों को जला दिया।
क्या हुआ नुकसान?
घायल: कई लोग, जिनमें 25-30 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
हिरासत: अब तक 60-65 उपद्रवी पकड़े गए।
जला दिए गए वाहन: 25 से ज्यादा बाइक और 3 कारें।
हिंसा क्यों भड़की?
यह विवाद औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर शुरू हुआ। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इसे ध्वस्त करने की मांग की थी और सोमवार सुबह नागपुर में प्रदर्शन भी किया था। कुछ ही घंटों बाद हिंसा भड़क उठी।
पुलिस और सरकार की प्रतिक्रिया
पुलिस का कहना है कि हिंसा अफवाहों के कारण हुई। डीसीपी अर्चित चांडक ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और पुलिस ने उपद्रवियों पर बल प्रयोग कर आंसू गैस छोड़ी। अपराधियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। नागपुर के पुलिस आयुक्त डॉ. रविंदर सिंघल ने आश्वस्त किया कि अब शहर शांतिपूर्ण है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
औरंगजेब की कब्र को लेकर विवाद क्या है?
फिल्म छावा की रिलीज़ के बाद औरंगजेब को लेकर बहस तेज हो गई। मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी कुछ दिन पहले कब्र हटाने की बात कही थी। वहीं, सपा नेता अबु आजमी ने औरंगजेब का बचाव करते हुए कहा कि वह क्रूर शासक नहीं था, बल्कि फिल्मों में उसे गलत तरीके से दिखाया जा रहा है। इसके बाद कब्र हटाने की मांग और तेज हो गई। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने धमकी दी कि अगर सरकार कब्र नहीं हटाती, तो उसका हाल भी बाबरी मस्जिद जैसा होगा।