Last Updated Apr - 05 - 2025, 03:11 PM | Source : Fela News
वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। कोलकाता, चेन्नई और अहमदाबाद की सड़कों पर हजारों लोगों ने विरोध किया, बिल को लेकर गहरी चिंता जता
संसद से वक्फ संशोधन बिल पास होते ही मुस्लिम समुदाय में नाराज़गी की लहर दौड़ गई। शुक्रवार की नमाज़ के बाद हजारों लोग देश के कई शहरों में सड़कों पर उतर आए और बिल के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया। यह विरोध अब सियासी बहस का भी रूप ले चुका है।
क्या है वक्फ संशोधन बिल और क्यों हो रहा है विरोध?
लोगों को डर है कि नया कानून वक्फ संपत्तियों पर असर डालेगा, भले ही सरकार इसका खंडन कर रही है।
बीते हफ्ते संसद में पारित हुआ वक्फ संशोधन विधेयक कई मुस्लिम संगठनों और आम लोगों को रास नहीं आया। विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि ये बिल उनके अधिकारों और वक्फ संपत्तियों को नुकसान पहुंचा सकता है, खासकर अगर इसे पिछले मामलों पर भी लागू किया गया तो।
कोलकाता की सड़कों पर दिखा शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त विरोध
हजारों लोग तिरंगा लहराते और "Reject Waqf Bill" के पोस्टर लेकर उतरे सड़कों पर।
कोलकाता में नमाज़ के बाद लोगों की भारी भीड़ ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध जताया। 'वक्फ प्रोटेक्शन जॉइंट फोरम' द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन में लोगों ने लोकतांत्रिक तरीके से बिल का विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की।
अहमदाबाद में तनावपूर्ण माहौल, बुज़ुर्गों को पुलिस ने हटाया
ANI के मुताबिक, अहमदाबाद में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और बुज़ुर्ग प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई।
सड़क पर बैठे बुज़ुर्ग प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। यहां विरोध का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण नज़र आया, जिससे प्रशासन भी अलर्ट हो गया।
चेन्नई और तमिलनाडु में भी विरोध की लहर, एक्टर विजय की पार्टी फ्रंट पर
तमिलागा वेत्त्रि कळगम (TVK) ने राज्यव्यापी विरोध का ऐलान किया था।
तमिलनाडु के चेन्नई, कोयंबटूर और तिरुचिरापल्ली जैसे शहरों में TVK कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। विजय ने इस बिल को "गैर-लोकतांत्रिक" करार देते हुए कहा कि यह देश की धर्मनिरपेक्षता पर सवाल खड़े करता है।
विपक्ष ने भी साधा सरकार पर निशाना
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर देश को बांटने का आरोप लगाया।
विजय ने यह भी कहा कि अगर केंद्र में अगली बार गैर-बीजेपी सरकार आती है, तो यह बिल रद्द किया जाएगा। वहीं कांग्रेस और अन्य दल भी इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बता रहे हैं।
सरकार का पक्ष – बिल पूर्व प्रभावी नहीं है
किरण रिजिजू और अमित शाह ने संसद में साफ किया कि यह बिल सिर्फ आगे के मामलों पर लागू होगा।
विरोध के बीच केंद्र सरकार की ओर से सफाई दी गई कि बिल को ‘पूर्व प्रभावी’ यानी रेट्रोएक्टिव नहीं बनाया गया है। इसका मतलब है कि यह पुराने मामलों पर लागू नहीं होगा। फिर भी लोगों में भ्रम और चिंता बनी हुई है।
वक्फ संशोधन बिल ने देश में एक नई बहस को जन्म दे दिया है – अल्पसंख्यकों के अधिकार, धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर। अब देखना यह है कि सरकार इस विरोध को कैसे संभालती है और क्या कोई स्पष्ट संवाद इस तनाव को कम कर सकेगा।