Last Updated Jun - 07 - 2025, 10:58 AM | Source : Fela News
पाकिस्तान जल्द ही चीन से मिला 5वीं पीढ़ी का FC-31 स्टेल्थ लड़ाकू विमान अपनी सीमा पर तैनात करने वाला है, जिससे भारत की वायु सुरक्षा को गंभीर चुनौती मिल सकती है।
पाकिस्तान अब अपनी वायुसेना को हाई-टेक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान चीन से मिले FC-31 (जिसे J-35 भी कहा जाता है) स्टेल्थ फाइटर जेट्स को अपनी वायुसेना में शामिल कर सीमाई क्षेत्रों में तैनात करने की योजना बना रहा है
FC-31 चीन का 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो रडार से बचने की स्टेल्थ तकनीक, तेज गति, और आधुनिक हथियारों से लैस है। यह विमान अमेरिकी F-35 की तरह दिखने और काम करने की क्षमता रखता है।
माना जा रहा है कि पाकिस्तान इसे अपने पुराने F-16 और JF-17 जैसे जेट्स की जगह इस्तेमाल करेगा। ये स्टेल्थ फाइटर भारतीय राडारों को चकमा दे सकते हैं, जिससे भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पाकिस्तान FC-31 को तैनात करता है तो उसे तकनीकी रूप से भारत पर 7-8 साल की बढ़त मिल सकती है। भारत की अपनी 5वीं पीढ़ी की फाइटर जेट परियोजना AMCA अभी विकास के चरण में है और उसमें समय लग सकता है।
भारत इस समय फ्रांस से मिले राफेल और रूस से मिले सुखोई-30 जैसे 4.5 जेनरेशन जेट्स पर निर्भर है। ऐसे में पाकिस्तान की यह पहल क्षेत्रीय वायु शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
विश्लेषकों का कहना है कि चीन और पाकिस्तान की यह सैन्य साझेदारी भारत के लिए एक रणनीतिक चुनौती है। आने वाले समय में भारत को अपनी रक्षा क्षमता विशेषकर वायु सुरक्षा में मजबूती लाने की जरूरत होगी, ताकि संभावित खतरों का सटीक जवाब दिया जा सके।