Header Image

नए लेबर कानून: महिलाओं की नाइट शिफ्ट और डबल ओवरटाइम फायदे

नए लेबर कानून: महिलाओं की नाइट शिफ्ट और डबल ओवरटाइम फायदे

Last Updated Nov - 22 - 2025, 12:57 PM | Source : Fela News

मोदी सरकार ने 29 पुराने श्रम कानूनों को हटाकर उनकी जगह 4 नए लेबर कोड लागू किए हैं। ये नियम 21 नवंबर से लागू हो गए हैं। नए लेबर कोड में कामकाज, वेतन, स्वास्थ्य ज
महिलाओं की नाइट शिफ्ट और डबल ओवरटाइम फायदे
महिलाओं की नाइट शिफ्ट और डबल ओवरटाइम फायदे

मोदी सरकार ने बड़ा श्रम सुधार करते हुए पुराने 29 लेबर कानूनों को खत्म कर 4 नए लेबर कोड पूरे देश में 21 नवंबर से लागू कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि यह बदलाव रोजगार व्यवस्था और इंडस्ट्री को नई दिशा देगा। नए नियमों से 40 करोड़ से ज्यादा कामगारों को पहली बार सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।

1. आधुनिक कामगारों को कानूनी सुरक्षा

पुराने कानून 1930–1950 के थे। नए नियमों में गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और प्रवासी श्रमिकों को भी सुरक्षा दी गई है।

2. नियुक्ति पत्र और समय पर वेतन जरूरी

हर कर्मचारी को जॉइनिंग लेटर देना अनिवार्य होगा। देशभर में न्यूनतम वेतन और समय पर भुगतान की गारंटी होगी।

3. 40 साल से ऊपर वाले कर्मचारियों का फ्री हेल्थ चेकअप

जो कर्मचारी 40 साल से ज्यादा उम्र के हैं, उन्हें साल में एक बार मुफ्त मेडिकल चेकअप मिलेगा।

4. सिर्फ 1 साल बाद ग्रेच्युटी

अब 5 साल नहीं, बल्कि सिर्फ 1 साल काम करने पर ग्रेच्युटी मिलेगी—यह प्राइवेट सेक्टर के लिए बड़ा फायदा है।

5. महिलाओं को नाइट शिफ्ट की आजादी

महिलाएं अब सुरक्षा प्रबंधों के साथ नाइट शिफ्ट में काम कर सकती हैं। समान वेतन और सुरक्षित माहौल की गारंटी है। ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को भी बराबर अधिकार मिलेंगे।

6. ओला–उबर और डिलीवरी वर्कर्स को पहली बार लाभ

गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। कंपनियों को इनके लिए 1–2% योगदान देना होगा। UAN लिंक होने से राज्य बदलने पर भी बेनिफिट जारी रहेंगे।

7. ओवरटाइम का डबल पैसा

अब ओवरटाइम का भुगतान दो गुना दर पर मिलेगा।

8. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को भी सुरक्षा

कॉन्ट्रैक्ट और असंगठित सेक्टर के कामगारों को भी न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।

9. कंपनियों के लिए नियम आसान

सिंगल लाइसेंस और सिंगल रिटर्न लागू होगा, जिससे कंपनियों पर कागजी काम का बोझ कम होगा।

10. विवाद सुलझाने का नया तरीका

इंस्पेक्टर की जगह “फैसिलिटेटर” मॉडल होगा और दो-सदस्यीय ट्राइब्यूनल सीधे शिकायतों को सुनेंगे।

सरकार का दावा है कि ये नए लेबर कोड विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम हैं।

ये भी पढ़ें-  

कोलकाता में अचानक क्यों हिली धरती…

Share :

Trending this week

असम जोरहाट विमान हादसा

Jun - 13 - 2026

असम के जोरहाट में शनिवार को भारतीय वायुसेना (IAF) का AN-32 ट्रा... Read More

पंजाब में CM उम्मीदवार पर सस्पेंस खत्म

Jun - 13 - 2026

पंजाब की राजनीति में चुनावी हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पा... Read More

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में पहुंची टीचर सस्पेंड

Jun - 13 - 2026

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद ... Read More