Last Updated Dec - 09 - 2025, 02:32 PM | Source : Fela News
वंदे मातरम् विवाद पर संसद में बढ़ती सियासी तकरार से भाजपा–विपक्ष आमने-सामने, बयानबाज़ी तेज़ हुई।
संसद में वंदे मातरम् के मुद्दे पर छिड़ी बहस अब बड़े राजनीतिक टकराव में बदल गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में बयान दिया कि ममता बनर्जी को वंदे मातरम् से कोई दिक्कत नहीं है, तो फिर कांग्रेस और अखिलेश यादव क्यों आपत्ति जता रहे हैं? यही बात अब सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
PM मोदी के बयान के बाद माहौल गरमा गया। उन्होंने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने खुद कई मौकों पर वंदे मातरम् का सम्मान किया है और इसे लेकर कभी विरोध नहीं जताया। ऐसे में विपक्षी दलों, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की ओर से उठ रही आपत्तियों पर उन्होंने सवाल खड़े किए। मोदी के मुताबिक, जब राष्ट्रगीत के सम्मान पर सभी दलों का रुख स्पष्ट हो सकता है, तो फिर कुछ पार्टियां इसे विवाद का मुद्दा क्यों बना रही हैं?
कांग्रेस और सपा का कहना है कि सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है और असली समस्याओं से ध्यान हटाना चाहती है। वहीं बीजेपी इसे राष्ट्रभावना का प्रश्न बताकर विपक्ष पर निशाना साध रही है। इसी बीच ममता बनर्जी की चुप्पी भी चर्चा में है, क्योंकि मोदी ने उनके उदाहरण के जरिए कांग्रेस और सपा पर सीधा दबाव बनाया है।
वंदे मातरम् को लेकर चल रही यह खींचतान संसद से लेकर सोशल मीडिया तक फैल गई है, और राष्ट्रगीत एक बार फिर राजनीति के केंद्र में लौट आया है।