Last Updated Jun - 12 - 2025, 11:28 AM | Source : Fela News
अगले चरण में देशभर में लागू होने वाली नई टोल नीति के अंतर्गत अब टोल सिर्फ तय रेंज के लिए नहीं, बल्कि रफ्तार और दूरी के अनुसार लिया जाएगा — साथ ही एक वर्ष का पैक
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) जल्द ही एक नया टोल कलेक्शन सिस्टम शुरू करने जा रहा है, जो दूरी आधारित होगा—यानी वाहन चालकों को अब सिर्फ उस दूरी के लिए टोल देना होगा जो वे वास्तव में तय करते हैं, चाहे वे कुछ ही किलोमीटर सड़कों पर चलें या पूरी रेंज पार करें । यह सिस्टम RFID‑बेस्ड FASTag के साथ ANPR कैमरों और सैटेलाइट ट्रैकिंग (GNSS) तकनीक का मिश्रित रूप होगा, जिससे ट्रैफ़िक की रफ्तार बनी रहेगी और टोल प्लाज़ा पर रुकावट कम होगी ।
मुख्य बदलाव ये होंगे:
लाभ क्या मिलेंगे?
टीओ‑डू सूची (वाहन मालिकों के लिए):
1. Fastag वैध रखें—₹0 बैलेंस न करें, नहीं तो पेनल्टी हो सकती है ।
2. आपको GNSS उपकरण लगाना पड़ सकता है, खासकर यदि आप वार्षिक पास लेते हैं।
3. रोक-टोक (बैलेंस, पहचान जांच) से रहें जागरूक, ताकि ट्रैवल में कोई बाधा न आए।
यह नई नीति जुलाई 2025 से धीरे–धीरे देश में लागू होगी—पहले दिल्ली–NCR और एक्सप्रेसवेज़ पर, फिर विस्तार होगा अन्य राज्यमार्गों तक ।
ये बदलाव यात्रियों को न सिर्फ आर्थिक राहत देंगे, बल्कि बेहतर अनुभव भी — बिना रुकावट, पारदर्शिता और स्मार्ट ट्रैवल की दिशा में एक बड़ा कदम।