Last Updated Apr - 07 - 2026, 04:08 PM | Source : Fela News
सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुन सकेंगे, जिससे लाखों लोगों को राहत मिली है।
UP smart meter update: लखनऊ समेत पूरे देश में बिजली बिल और स्मार्ट मीटर को लेकर चल रही बहस के बीच उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे, लेकिन वे प्रीपेड होंगे या पोस्टपेड, इसका फैसला उपभोक्ता खुद कर सकेंगे।
यह आदेश केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की ओर से जारी किया गया है। नए निर्देशों के अनुसार, जहां संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी नए और पुराने बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, लेकिन प्रीपेड मोड अब अनिवार्य नहीं रहेगा।
प्रदेश में लाखों स्मार्ट मीटर पहले से लगे
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में अब तक 78 लाख से ज्यादा स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें करीब 70 लाख प्रीपेड मीटर शामिल हैं। पहले नए कनेक्शन पर प्रीपेड मीटर लगाना जरूरी था, जिसका कई उपभोक्ता संगठनों ने विरोध किया था।
इस मुद्दे को लेकर संसद में भी सवाल उठे थे। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने साफ किया था कि प्रीपेड मीटर लगाना अनिवार्य नहीं है और यह पूरी तरह उपभोक्ता की पसंद पर निर्भर करेगा।
कानूनी संशोधन के बाद बदला नियम
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत पहले जारी आदेश में संशोधन किया है। इस बदलाव के बाद अब उपभोक्ता अपनी जरूरत और सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुन सकेंगे।
उपभोक्ताओं को बड़ी राहत
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह उपभोक्ताओं की लंबी लड़ाई का नतीजा है। अब किसी को भी जबरन प्रीपेड मीटर नहीं लगवाना पड़ेगा।
दरअसल, कई उपभोक्ता प्रीपेड मीटर से जुड़ी समस्याओं से परेशान थे। बार-बार रिचार्ज करना, तकनीकी गड़बड़ी और अचानक बैलेंस खत्म होने जैसी दिक्कतें सामने आ रही थीं।
अब नए नियम के तहत उपभोक्ताओं को अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प चुनने की आजादी मिलेगी, जिससे बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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