Last Updated Aug - 18 - 2025, 02:04 PM | Source : Fela News
उपराष्ट्रपति चुनाव में सियासी गणित रोचक मोड़ पर है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपनी-अपनी ताकत जोड़ने में जुटे हैं। नतीजा तय करेगा किसके पक्ष में समीकरण बैठते
उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर एनडीए और इंडिया ब्लॉक दोनों ही अपने-अपने समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। यह चुनाव पूरी तरह से संख्या बल पर आधारित है, जहां संसद के दोनों सदनों के सांसद वोट डालते हैं।
एनडीए के पास लोकसभा और राज्यसभा मिलाकर स्पष्ट बहुमत है। बीजेपी अकेले ही सबसे बड़ी पार्टी है और सहयोगी दलों के साथ मिलकर उसे मजबूत बढ़त मिलती है। दूसरी ओर, इंडिया ब्लॉक विपक्ष को एकजुट करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन कई क्षेत्रीय दलों के रुख अभी तक साफ नहीं हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मौजूदा आंकड़े एनडीए के पक्ष में हैं। हालांकि, उपराष्ट्रपति चुनाव में कई बार क्रॉस वोटिंग देखने को मिलती है, इसलिए अंतिम नतीजे तक रोमांच बरकरार रहेगा। यह चुनाव न केवल संख्या का खेल है बल्कि विपक्षी एकजुटता की असली परीक्षा भी मानी जा रही है।