Last Updated May - 28 - 2025, 02:20 PM | Source : Fela News
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पर्यटन को राजनीतिक बहस का हिस्सा नहीं, बल्कि आर्थिक और रोज़गार का साधन समझा जाना चाहिए।
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के पांच हफ्ते बाद राज्य सरकार ने वहां कैबिनेट बैठक कर एक सशक्त संदेश देने की कोशिश की। इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने साफ शब्दों में कहा कि पर्यटन को "कॉनफ्लिक्ट-न्यूट्रल" यानी संघर्ष-मुक्त गतिविधि के रूप में देखा जाना चाहिए
उन्होंने कहा, “पर्यटन एक आर्थिक गतिविधि है और लोगों के लिए रोज़गार का साधन है। बार-बार ऐसा होता है कि जम्मू-कश्मीर का पर्यटन राजनीति में उलझ जाता है। मेरी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य की स्थिति का असर पर्यटन पर न पड़े।”
यह बयान उन राजनीतिक दलों को निशाने पर लेकर दिया गया माना जा रहा है जो जम्मू-कश्मीर में बढ़ते पर्यटन को सामान्य स्थिति की निशानी बताकर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं — जिनमें सत्ताधारी बीजेपी भी शामिल है।
उमर अब्दुल्ला ने जोर देते हुए कहा कि पर्यटन को केवल आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए, ना कि राजनीतिक चश्मे से। उनके मुताबिक, कश्मीर में पर्यटन का बढ़ना लोगों के जीवन को बेहतर बना सकता है, लेकिन उसे राजनीति से जोड़कर भ्रम पैदा करना गलत है।
सरकार का यह कदम न केवल आतंकी हमलों के बाद जनता में विश्वास बहाल करने की कोशिश है, बल्कि यह भी संकेत है कि पर्यटन को लेकर अब नीतिगत स्तर पर एक नई सोच की जरूरत है।