Last Updated Feb - 20 - 2026, 04:30 PM | Source : Fela News
एक साल पूरे होने पर दिल्ली सरकार के कामकाज का आकलन, कुछ योजनाएं लागू। कई प्रमुख चुनावी वादे अभी भी अधूरे, महिलाओं और पेंशन योजनाओं पर इंतजार जारी।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी सरकार के एक साल पूरे होने के बाद चुनावी वादों की प्रगति को लेकर चर्चा तेज है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने कुछ प्रमुख घोषणाओं पर अमल शुरू किया है, जबकि कई बड़े वादे अभी जमीन पर उतरने बाकी हैं।
बताया जा रहा है कि मुफ्त बिजली और पानी की व्यवस्था, जो पहले अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी सरकार के दौरान लागू थी, उसे नई सरकार ने जारी रखा। वहीं मोहल्ला क्लीनिक की जगह 1100 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने का ऐलान किया गया था, जिनमें से एक साल में 370 तैयार हो चुके हैं और स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं।
सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में आयुष्मान भारत योजना लागू करने को मंजूरी दी। इसके तहत लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है और करीब 6.7 लाख हेल्थ कार्ड जारी किए गए हैं। इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना योजना भी लागू की गई है।
गरीबों को सस्ता भोजन उपलब्ध कराने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर अटल कैंटीन योजना शुरू की गई, जिसके तहत अब तक 71 कैंटीन खोली जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री मातृत्व सुरक्षा योजना के तहत 83,700 से अधिक लाभार्थियों का पंजीकरण हुआ और 31.68 करोड़ रुपये सीधे खातों में भेजे गए।
वहीं दूसरी ओर कई अहम वादे अब भी अधूरे हैं। गरीब महिलाओं को साल में दो मुफ्त गैस सिलेंडर देने की योजना को मंजूरी तो मिल गई है, लेकिन इसे लागू करने का इंतजार जारी है। महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये देने वाली योजना के लिए बजट प्रावधान और समिति गठन किया गया, पर एक साल बाद भी इसे लागू नहीं किया गया है।
सूत्रों के मुताबिक बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन बढ़ाने का वादा भी अभी पूरा नहीं हो पाया है। इस बीच यमुना नदी की सफाई को लेकर केंद्र के ‘यमुना मास्टर प्लान’ के तहत तीन साल के कार्यक्रम की शुरुआत का जिक्र किया गया है, लेकिन परिणाम आने बाकी हैं।
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