Last Updated Aug - 05 - 2025, 02:36 PM | Source : Fela News
28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में ढेर किए गए आतंकी पहले ही 2024 में सुरक्षा बलों की ज़ब्त मोबाइल से ट्रैक हो चुके थे
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि 28 जुलाई 2025 को पहलगाम में ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए तीन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) आतंकियों की पहचान पहले ही 2024 में दक्षिण कश्मीर में एक एनकाउंटर के बाद बरामद मोबाइल फोन की मदद से कर ली गई थी।
उस मोबाइल फोन में कई तस्वीरें मौजूद थीं, जिनमें तीनों आतंकी हथियारों और गोला-बारूद के साथ पोज देते हुए नज़र आ रहे थे। इन्हीं तस्वीरों के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने उनकी पहचान की और उन्हें ट्रैक किया।
मारे गए आतंकियों की पहचान इस प्रकार हुई है:
तीनों का संबंध लश्कर-ए-तैयबा से था और ये लंबे समय से कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में सक्रिय थे।
ऑपरेशन महादेव में इन आतंकियों के मारे जाने को सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिसने घाटी में शांति स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है। अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल इन्वेस्टिगेशन और इंटेलिजेंस नेटवर्क की मदद से ही इस तरह की सटीक कार्रवाई संभव हो पाई।