Last Updated May - 29 - 2025, 03:15 PM | Source : Fela News
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के आंकड़ों से सामने आई हथियारों की सप्लाई में दशक भर की बड़ी रणनीतिक बदलाव की तस्वीर।
भारत द्वारा हाल ही में किए गए सैन्य अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' में देश ने कई स्वदेशी रक्षा प्रणालियों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया, लेकिन इसके साथ ही इजरायल और रूस से मिले आधुनिक हथियार भी बड़ी भूमिका में नजर आए। इस ऑपरेशन में भारत ने इजरायल के सहयोग से बनाए गए स्कायस्ट्राइकर ड्रोन और रूस से आए पेखोरा व ओएसए-AK मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया।
वहीं पाकिस्तान ने इस दौरान चीन से मिले PL-15 मिसाइलों और तुर्की में बने ड्रोन सिस्टम्स का सहारा लिया।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) द्वारा किए गए रक्षा उपकरणों के ट्रांसफर विश्लेषण के अनुसार, पिछले एक दशक में भारत और पाकिस्तान, दोनों देशों के हथियारों के स्रोतों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
हालांकि ये आंकड़े केवल आयात की मात्रा को दिखाते हैं, इनमें हथियारों की मारक क्षमता या उनकी रणनीतिक भूमिका का जिक्र नहीं होता।
यह बदलाव न केवल दोनों देशों की सैन्य जरूरतों बल्कि उनकी वैश्विक कूटनीतिक प्राथमिकताओं को भी दर्शाता है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत और पाकिस्तान किस तरह अपनी रक्षा साझेदारियों को और आगे बढ़ाते हैं।