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JF-17 को लेकर पाकिस्तान का प्रचार, असली ताकत पर उठे सवाल

JF-17 को लेकर पाकिस्तान का प्रचार, असली ताकत पर उठे सवाल

Last Updated Jan - 20 - 2026, 04:38 PM | Source : Fela News

पाकिस्तान इन दिनों अपने JF-17 थंडर फाइटर जेट को लेकर सोशल मीडिया और खबरों में जोर-शोर से प्रचार चला रहा है कि यह ‘वैश्विक मार्केट में बंपर डिमांड’ में है और कई
JF-17 को लेकर पाकिस्तान का प्रचार
JF-17 को लेकर पाकिस्तान का प्रचार

पिछले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान की ओर से दावा किया गया कि बांग्लादेश, सूडान, इंडोनेशिया और सऊदी अरब जैसे देश JF-17 खरीदने वाले हैं. लेकिन इन दावों के पीछे कोई आधिकारिक, पक्की डील या कॉन्ट्रैक्ट नहीं दिखते, बल्कि यह ज्यादातर अटकलों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स तक ही सीमित हैं. कई बार तो सरकारी विदेश मंत्रालय की तरफ से भी इन सौदों को लेकर पुष्टि नहीं हुई है.

हकीकत यह है कि JF-17 का निर्यात अब तक बहुत सीमित रहा है. म्यांमार और नाइजीरिया जैसे कुछ देशों ने इसे खरीदा था, लेकिन वहां भी तकनीकी समस्याओं, स्पेयर पार्ट्स की कमी और एवियोनिक्स की कमजोरियों की वजह से इन विमानों को परिचालन में रखने में मुश्किलें आई हैं. इन वजहों से कई जेट ग्राउंडेड रहे हैं और एयरफोर्स की क्षमता पर सवाल उठे हैं.

विश्लेषकों के अनुसार पाकिस्तान के प्रचार के पीछे मुख्य वजह है अपने रक्षा क्षमता और विजयी तस्वीरें पेश करना. यह प्रचार खासकर उन खबरों के बाद ज़ोर पकड़ा है जहाँ 2025 के भारत-पाकिस्तान संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) को लेकर अलग-अलग राय बनीं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने JF-17 को ‘बैटल-प्रूवन’ बताया, जबकि अन्य विशेषज्ञ इसे मुख्य भूमिका निभाने वाला विमान नहीं मानते. इसके बजाय चीनी J-10C जैसे एडवांस्ड जेट्स को ही उस संघर्ष में ज्यादा सक्रिय बताया गया है.

JF-17 थंडर एक हल्का मल्टी-रोल जेट है जिसे पाकिस्तान एयरोनॉटिकल कॉम्प्लेक्स और चीन की चेंगदू एयरक्राफ्ट ने मिलकर विकसित किया. इसे सस्ता और अपेक्षाकृत आसान विमान बताया जाता है, लेकिन इसमें रूसी इंजनों और चीनी एवियोनिक्स की भारी निर्भरता है. पाकिस्तान में इसका उत्पादन साल में सीमित संख्या में ही होता है.

इसलिए जितना जोश पाकिस्तान JF-17 के बारे में ऑनलाइन दिखा रहा है, वह असल दुनिया के रक्षा बाजार में उतना प्रभाव नहीं दिखा रहा. वर्तमान में कोई बड़ा, औपचारिक निर्यात ऑर्डर बुक नहीं हुआ है, और बहुत सारे विदेशी देशों द्वारा इसे बड़े पैमाने पर अपनाने के बारे में कोई पुख्ता संकेत नहीं हैं. मौजूदा प्रचार मुख्य रूप से नैरेटिव वॉरफेयर का हिस्सा लगता है, वास्तविक तकनीकी और रणनीतिक सफलता कहने की स्थिति में नहीं है.

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