Last Updated Apr - 22 - 2026, 03:42 PM | Source : Fela News
महिलाओं पर पप्पू यादव के विवादित बयान से सियासी बवाल, प्रियंका चतुर्वेदी समेत कई नेताओं का तीखा विरोध, महिला आयोग का नोटिस जारी, तीन दिन में जवाब देने के निर्देश
बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अपने विवादित बयान को लेकर बड़े सियासी तूफान के केंद्र में आ गए हैं। राजनीति में महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी ने देशभर में तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है और सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक जमकर आलोचना हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है और तीन दिनों के भीतर जवाब तलब किया है।
दरअसल, पप्पू यादव ने हाल ही में दावा किया था कि मौजूदा समय में अधिकतर महिलाओं के लिए बिना “समझौते” के राजनीति में आगे बढ़ना मुश्किल है। उनके इस बयान की भाषा और आशय को लेकर विवाद और गहरा गया है, जिसे कई नेताओं ने महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया है।
इस बयान पर प्रियंका चतुर्वेदी ने कड़ा हमला बोलते हुए इसे “शर्मनाक, घिनौना और बेहद आपत्तिजनक” करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी सोच ही महिलाओं को राजनीति में बदनाम करती है और उनके खिलाफ गलत धारणाएं पैदा करती है।
वहीं, चंद्रशेखर बावनकुले ने भी इस बयान की तीखी निंदा करते हुए कहा कि यह देश की संस्कृति और महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है। उन्होंने साफ कहा कि ऐसे बयान देने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी पार्टी से जुड़े हों।
महिला आयोग ने अपने नोटिस में कहा है कि यह बयान महिलाओं के आत्मसम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाता है। साथ ही आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो लोकसभा अध्यक्ष से सदस्यता रद्द करने की सिफारिश तक की जा सकती है।
फिलहाल, इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब सबकी नजर पप्पू यादव के जवाब पर टिकी है, जिससे यह तय होगा कि यह मामला और कितना तूल पकड़ता है।
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