Last Updated Mar - 15 - 2025, 11:06 AM | Source : Fela News
Pawan Kalyan on Language War: आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने तमिलनाडु सरकार के हिंदी विरोध पर कहा कि भाषा को लेकर दुश्मनी रखना बिल्कुल नासमझी है।
तमिलनाडु में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तीन-भाषा फॉर्मूले को लेकर विवाद जारी है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन केंद्र सरकार पर हिंदी थोपने का आरोप लगा रहे हैं। हाल ही में, राज्य सरकार ने बजट के लोगो से रुपये का देवनागरी सिंबल हटाकर तमिल अक्षर कर दिया, जिससे हिंदी विरोध और तेज हो गया।
अब इस मुद्दे पर आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, "तमिलनाडु हिंदी को क्यों नकारता है, जबकि उत्तर प्रदेश, बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लोग तमिल फिल्मों को पसंद करते हैं और हिंदी में डब करके देखते हैं?" उन्होंने यह भी कहा कि किसी भाषा से दुश्मनी रखना नासमझी है।
जनसेना के 12वें स्थापना दिवस पर अपने विधानसभा क्षेत्र पीथापुरम में एक सभा को संबोधित करते हुए पवन कल्याण ने कहा कि मुसलमान अरबी या उर्दू में दुआ करते हैं, मंदिरों में संस्कृत मंत्रों से पूजा होती है, तो क्या इन प्रार्थनाओं को तमिल या तेलुगु में पढ़ना चाहिए?
उन्होंने DMK नेताओं के हिंदी विरोधी रुख की आलोचना करते हुए उत्तर-दक्षिण विभाजन खत्म करने और देश की एकता को प्राथमिकता देने की अपील की। साथ ही जनता से ऐसी राजनीतिक पार्टियों को चुनने का आग्रह किया जो देश के हित में काम करें