Last Updated May - 16 - 2026, 04:07 PM | Source : Fela News
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और कम कमाई से नाराज गिग वर्कर्स आज 5 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे. दोपहर 12 से शाम 5 बजे तक टैक्सी और डिलीवरी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं.
सरकार की तरफ से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब देशभर में गिग वर्कर्स का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है. ऐप आधारित टैक्सी ड्राइवर और डिलीवरी वर्कर्स आज दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक अस्थायी हड़ताल पर रहेंगे. इस हड़ताल का असर ओला, उबर, रैपिडो, जोमैटो और स्विगी जैसी सेवाओं पर भी पड़ सकता है. गिग और प्लेटफॉर्म सर्विसेज वर्कर्स यूनियन (GIPSWU) ने देशभर के ड्राइवरों और डिलीवरी पार्टनर्स से इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.
महंगाई ने बढ़ाई ड्राइवरों की मुश्किलें
गिग वर्कर्स का कहना है कि लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने उनकी कमाई पर सीधा असर डाला है. हाल ही में सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दाम में करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. इसके बाद दिल्ली में पेट्रोल लगभग 97.77 रुपए और डीजल 90.67 रुपए प्रति लीटर पहुंच गया है. वहीं हैदराबाद जैसे शहरों में पेट्रोल 110 रुपए के पार चला गया है. ऐसे में ड्राइवरों का कहना है कि कमाई से ज्यादा पैसा अब ईंधन में खर्च हो रहा है.
सोशल मीडिया पर आंदोलन की अपील
यूनियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि बढ़ती महंगाई और कम भुगतान दरों के खिलाफ यह विरोध जरूरी है. यूनियन के मुताबिक ऐप कंपनियां लगातार अपना कमीशन बढ़ा रही हैं, लेकिन ड्राइवरों और डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई उसी हिसाब से नहीं बढ़ रही. ऐसे में हजारों परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.
‘घर चलाना मुश्किल हो गया’
कई कैब ड्राइवरों और डिलीवरी वर्कर्स ने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने के बाद अब घर चलाना भी मुश्किल होता जा रहा है. एक ड्राइवर मोहम्मद ने बताया कि किराया उतना नहीं बढ़ता जितना ईंधन का खर्च बढ़ जाता है. कमीशन और पेट्रोल का पैसा निकालने के बाद बहुत कम बचता है. उनका कहना है कि सड़क पर पूरा दिन मेहनत करने के बावजूद बचत लगभग खत्म हो चुकी है.
वैश्विक संकट का असर
बताया जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. फरवरी में जहां कच्चा तेल करीब 69 डॉलर प्रति बैरल था, वहीं अब यह 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. इसका सीधा असर भारत में ईंधन की कीमतों पर दिखाई दे रहा है.
बढ़ सकता है आंदोलन
गिग वर्कर्स का कहना है कि यह सिर्फ एक अस्थायी हड़ताल है. अगर सरकार और ऐप कंपनियों ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन भी किया जा सकता है. उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच कम कमाई में परिवार चलाना अब बेहद मुश्किल हो चुका है.
यह भी पढ़े