Last Updated Oct - 24 - 2025, 04:41 PM | Source : Fela News
पीएम मोदी कर्पूरी ग्राम पहुंचे, समस्तीपुर की पहचान फिर सुर्खियों में। दौरे से क्षेत्र में विकास की उम्मीदें बढ़ीं और स्थानीय कार्यक्रमों में लोगों की भीड़ जुटी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों बिहार दौरे पर हैं और उनका कर्पूरी ग्राम दौरा सुर्खियों में है। यह वही गांव है जहां से पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर का गहरा नाता रहा — और अब पीएम मोदी उनके नाम पर शुरू किए गए विकास कार्यों का जायजा लेने पहुंचे हैं। इस मौके पर समस्तीपुर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।
समस्तीपुर, बिहार के उत्तर-मध्य हिस्से में बसा एक ऐतिहासिक जिला है, जो अपनी राजनीतिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है। यह जगह स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी कई आंदोलनों का गवाह रही है। कर्पूरी ठाकुर, जो सामाजिक न्याय के प्रतीक माने जाते हैं, यहीं के रहने वाले थे। पीएम मोदी ने अपने दौरे में कहा कि “कर्पूरी ठाकुर सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि सामाजिक समानता की आवाज थे।”
कर्पूरी ग्राम, जो समस्तीपुर जिले का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, अब धीरे-धीरे विकास की नई तस्वीर गढ़ रहा है। यहां सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई योजनाओं पर काम चल रहा है। मोदी सरकार ने इसे “आदर्श ग्राम” के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा है, ताकि इसे सामाजिक न्याय और ग्रामीण विकास का मॉडल बनाया जा सके।
समस्तीपुर का जिक्र आते ही कई और खास जगहें भी ध्यान में आती हैं ,जैसे विद्यापतिनगर, जो कवि विद्यापति की जन्मभूमि मानी जाती है, और बख्तियारपुर, जो ऐतिहासिक महत्व रखता है। यहां गंगा और बुढ़ी गंडक नदियों का संगम इसे प्राकृतिक रूप से भी समृद्ध बनाता है।
पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बिहार की जड़ों को सम्मान देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कर्पूरी ठाकुर की धरती पर उनका जाना एक तरह से उस वैचारिक परंपरा को याद करना है, जिसने बिहार की राजनीति और समाज को नई दिशा दी थी। अब देखने वाली बात यह है कि कर्पूरी ग्राम विकास का वह मॉडल बन पाता है या नहीं, जिसकी परिकल्पना केंद्र सरकार ने की है।