Last Updated Jul - 11 - 2025, 03:23 PM | Source : Fela News
75 की उम्र में सक्रिय राजनीति से हटने की बात पर मोहन भागवत के बयान ने तूल पकड़ा। विपक्ष ने इसे पीएम मोदी के लिए परोक्ष संदेश करार दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के एक बयान ने देश की सियासत में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि 75 साल की उम्र के बाद व्यक्ति को पीछे हट जाना चाहिए और नई पीढ़ी को आगे लाना चाहिए। उनके इस बयान को विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज के तौर पर देखा है।
मोहन भागवत ने यह टिप्पणी नागपुर में संघ के एक कार्यक्रम के दौरान दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को समय रहते जिम्मेदारियां छोड़ देनी चाहिए ताकि संगठन में नई ऊर्जा और नई सोच आ सके। हालांकि भागवत ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे सीधे पीएम नरेंद्र मोदी से जोड़ दिया, जो इसी साल 75 साल के करीब पहुंच रहे हैं।
कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने इस बयान को लेकर कहा कि यह इशारा बीजेपी के आंतरिक राजनीति की तरफ है और मोहन भागवत प्रधानमंत्री मोदी को संकेत दे रहे हैं।
हालांकि बीजेपी नेताओं ने इस बयान पर कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है और इसे लोकसभा चुनाव के बाद के परिदृश्य से जोड़कर देखा जा रहा है।