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Last Updated Oct - 15 - 2025, 05:56 PM | Source : Fela News
प्रशांत किशोर ने 150 सीटों का लक्ष्य रखा, चाहे चुनाव अभी न हों। उनकी रणनीति सियासी ताकत बढ़ाने और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करने की दिशा में है।
बिहार की सियासत में रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि वह खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन उनकी पार्टी जन सुराज का लक्ष्य 150 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करना है। इस घोषणा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है और विपक्ष तथा गठबंधन दलों की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशांत किशोर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनका मकसद सिर्फ सत्ता में आने का नहीं, बल्कि बिहार में सशक्त और पारदर्शी लोकतंत्र को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि पार्टी की योजना व्यापक स्तर पर Grassroots लेवल पर काम करने की है और 150 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर जनता तक अपनी नीति और विजन पहुंचाना चाहते हैं
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशांत किशोर का यह कदम राजनीतिक धारा में नया मोड़ ला सकता है। भले ही वह खुद चुनावी मैदान में नहीं उतर रहे, लेकिन उनकी टीम और रणनीति बीजेपी, जेडीयू और महागठबंधन के लिए चुनौती पेश कर सकती है। किशोर के अनुभव और चुनावी रणनीति ने पहले भी कई चुनावों के नतीजों को बदलने में अहम भूमिका निभाई है।
राजनीतिक विश्लेषक बता रहे हैं कि जन सुराज पार्टी की यह पहल छोटे और मध्यम राजनीतिक दलों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है। इसका असर आगामी बिहार विधानसभा चुनाव पर भी दिखाई देगा, क्योंकि 150 सीटों का लक्ष्य किसी भी पार्टी के लिए मामूली नहीं है।
इस कदम से साफ होता है कि प्रशांत किशोर राजनीति में सक्रिय हैं, लेकिन उनकी रणनीति अब “सीटों और विजन” तक सीमित है, न कि व्यक्तिगत चुनावी भागीदारी तक। बिहार की सियासत अब उनके कदमों और पार्टी की तैयारी पर नजरें लगाए हुए है, और आने वाले महीनों में उनका असर काफी अहम साबित हो सकता है।