Last Updated Oct - 07 - 2025, 05:54 PM | Source : Fela News
पंजाब में किसानों ने पराली जलाने पर भारी जुर्माने के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध किया। उनका कहना है कि सरकार मुआवजा कम दे रही है, लेकिन सज़ा ज्यादा वसूल रही है।
पंजाब में एक बार फिर पराली का मुद्दा गरमा गया है। इस बार किसानों ने सरकार की नई कार्रवाई नीति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप है कि सरकार बाढ़ से नुकसान झेल चुके किसानों को पर्याप्त मुआवजा नहीं दे रही, लेकिन पराली जलाने पर हजारों रुपये का जुर्माना थोप रही है।
फरीदकोट, बठिंडा और मानसा जैसे जिलों में किसानों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। कई जगहों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी हुई, यहां तक कि सरकार का पुतला भी फूंका गया। किसानों का कहना है कि “जब खेतों में पानी भरा है और फसल खराब हो चुकी है, तो किसान पराली कहां और कैसे संभाले?”
किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जुर्माना नीति वापस नहीं ली, तो राज्यभर में आंदोलन तेज किया जाएगा। किसान यूनियनों ने कहा कि सरकार को पहले वैकल्पिक साधन और आर्थिक सहायता देनी चाहिए, फिर नियम लागू करने चाहिए।
उधर, प्रशासन का कहना है कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और सरकार इसका स्थायी समाधान चाहती है। अधिकारियों के मुताबिक, फसल मुआवजा प्रक्रिया जारी है और जिन किसानों को नुकसान हुआ है, उन्हें जल्द राहत मिलेगी।
लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि किसानों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है। एक ओर खेत बर्बाद, दूसरी ओर जुर्माने का बोझ—इन दोनों के बीच पंजाब का किसान फिर से दोहरी मार झेल रहा है।
Jun - 12 - 2026
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