Last Updated Nov - 25 - 2025, 01:36 PM | Source : Fela News
राम मंदिर में होने वाला ध्वजारोहण 2025 खास धार्मिक महत्व रखता है। धर्मध्वज को विजय, संरक्षण और शुभ शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसी कारण 44 मिनट का शुभ मुहूर्त
अयोध्या में राम मंदिर पर 2025 में होने वाला धर्मध्वज आरोहण एक बेहद पवित्र और प्रतीकात्मक घटनाक्रम माना जा रहा है। मंदिर परिसर में धर्मध्वज फहराना हिंदू परंपरा में शुभ, ऐश्वर्य और दिव्यता का संकेत माना जाता है। यही कारण है कि इस अनुष्ठान के लिए विशेष 44 मिनट का शुभ मुहूर्त तय किया गया है, जिसे अत्यंत मंगलकारी माना जा रहा है।
धर्मध्वज केवल एक झंडा नहीं, बल्कि भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति, मर्यादा और शक्ति का प्रतीक है। इसे मंदिर के शिखर पर स्थापित करने का अर्थ है कि मंदिर परिसर में दिव्य ऊर्जा और सकारात्मकता का वास बढ़ेगा। पुराणों में वर्णित है कि जहां धर्मध्वज लहराता है, वहां दैवी शक्तियों का संरक्षण बना रहता है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है।
2025 में तय 44 मिनट का शुभ मुहूर्त ग्रह-नक्षत्रों की ऐसी संयोग स्थिति में है, जो धार्मिक अनुष्ठानों की सिद्धि के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है। ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि इतने कम समय में आने वाला ऐसा योग बेहद दुर्लभ होता है और इसी वजह से इसे विशेष महत्व दिया जा रहा है। इस दौरान किया गया ध्वजारोहण बेहद फलदायी माना जाता है और इसके साथ मंदिर परिसर में नई ऊर्जा का संचार माना जाता है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद यह पहला अवसर होगा जब इस तरह के विस्तृत और पारंपरिक वैदिक विधान के साथ धर्मध्वज आरोहण का आयोजन किया जाएगा। भक्त इसे ऐतिहासिक पल के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और संस्कृति के सम्मान का प्रतीक भी है।