Last Updated Apr - 08 - 2025, 12:13 PM | Source : Fela News
राम नवमी पर देशभर में मुसलमानों ने भाईचारे की मिसाल पेश की। काशी, कोलकाता और नागपुर में हिंदू-मुस्लिम एकता और सांप्रदायिक सौहार्द का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला
जहां एक ओर वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर देशभर में तनाव का माहौल है, वहीं दूसरी ओर राम नवमी के अवसर पर देश के कई हिस्सों में मुसलमानों ने भगवान राम की आरती की, फूल बरसाए और पेयजल सेवा कर भाईचारे का अनूठा संदेश दिया।
राम नवमी पर दिखी गंगा-जमुनी तहज़ीब, मुस्लिम समुदाय ने हिंदू श्रद्धालुओं का किया स्वागत
राम नवमी 2025 देश के लिए सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व नहीं रहा, बल्कि इस बार यह पर्व सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक बनकर सामने आया है। एक ओर जहां वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर देश के कुछ हिस्सों में तनाव की स्थिति बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर काशी, कोलकाता और नागपुर जैसे शहरों से आपसी प्रेम और सद्भाव की कहानियां सामने आईं, जिन्होंने दिल जीत लिए।
काशी में मुस्लिम महिलाओं ने की राम की महाआरती
वाराणसी के काशी विश्वनाथ धाम में इस बार कुछ खास देखने को मिला। राम नवमी के मौके पर मुस्लिम महिलाओं ने श्रीराम की महाआरती में हिस्सा लेकर सौहार्द की एक सुंदर मिसाल पेश की। इन महिलाओं ने कहा कि उनका यह कदम धर्मों के बीच पुल बनाने की एक कोशिश है, ताकि समाज में प्रेम और समझ बढ़े।
कोलकाता में मुस्लिम समाज ने पेश की सेवा और सम्मान की मिसाल
कोलकाता के किद्दरपुर, पिलखाना, भांगर और मालदा जैसे इलाकों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने राम नवमी की शोभा यात्रा में शामिल हिंदू श्रद्धालुओं का पेयजल, आम के रस और फूलों से स्वागत किया।
जंक्शन वेलफेयर सोसाइटी क्लब के सदस्य मो. यूनुस ने कहा:
> "यह हमारे प्यार और इज्जत का तरीका है। धर्म हमें जोड़ने के लिए है, बांटने के लिए नहीं।"
Remount Road पर मुसलमानों ने बर्फ से ठंडा पानी, आम का रस और फूलों की वर्षा से श्रद्धालुओं का स्वागत किया, जिससे लोगों के चेहरे पर मुस्कान और दिलों में भावुकता भर गई।
श्री राम नवमी उद्यापन समिति के आयोजक नवीन सिंह ने बताया:
"तेज धूप में थक चुके थे, लेकिन मुस्लिम भाइयों की यह सादगी और सेवा ने दिल छू लिया। यही भारत की असली पहचान है।"
नागपुर में 32 साल पुरानी परंपरा निभाते मुस्लिम सेवादार
महाराष्ट्र के नागपुर में भी मुस्लिम सेवा समिति के सदस्यों ने राम नवमी की शोभा यात्रा पर फूलों की बारिश कर और स्वागत कर अपनी 32 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाया। मुस्लिम सेवा समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे हर साल इसी तरह आपसी सम्मान और मेलजोल की भावना को बनाए रखते हैं।
जहां एक ओर देश में कई मुद्दों को लेकर मतभेद और तनाव की स्थिति बन जाती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मौके यह दिखाते हैं कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता और एकता में निहित है। राम नवमी पर मुसलमानों द्वारा दिखाया गया यह भाईचारा इस बात की तस्दीक करता है कि धर्म से ऊपर इंसानियत है, और जब एक-दूसरे की आस्था का सम्मान किया जाए, तभी एक सशक्त और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण संभव है।
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