Last Updated May - 28 - 2025, 10:56 AM | Source : Fela News
दिल्ली कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ नाबालिग पहलवान द्वारा लगाए गए यौन शोषण के मामले को रद्द किया, पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को मंजूरी दी गई।
दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए पूर्व रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ नाबालिग पहलवान द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न का मामला रद्द कर दिया। समाचार एजेंसी PTI के मुताबिक, यह मामला उस वक्त का था जब शिकायतकर्ता नाबालिग थी।
1 अगस्त 2023 को इन-कैमरा सुनवाई के दौरान, पीड़िता ने अदालत को बताया था कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट है और क्लोजर रिपोर्ट को लेकर उसे कोई आपत्ति नहीं है।
इससे पहले, 15 जून 2023 को दिल्ली पुलिस ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दायर की थी। जांच के दौरान लड़की के पिता ने बयान दिया था कि उन्होंने अपनी बेटी के साथ हुए कथित अन्याय को लेकर गुस्से में आकर झूठी शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने क्लोजर रिपोर्ट में कहा कि मामले में कोई पुष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं और इसलिए POCSO एक्ट के तहत मामला रद्द किया जा रहा है। हालांकि, IPC की धाराओं के तहत दूसरे मामले में बृजभूषण सिंह पर आरोप बने रहेंगे। POCSO कानून के तहत दोषसिद्धि होने पर कम से कम तीन साल की सजा का प्रावधान है।
बाद में, 21 मई 2024 को कोर्ट ने छह महिला पहलवानों द्वारा दायर एक अलग मामले में बृजभूषण के खिलाफ IPC की धारा 354, 354A, 354D और 506 के तहत आरोप तय किए, जो यौन उत्पीड़न, पीछा करना और धमकी देने से जुड़े हैं। उसी दिन पुलिस ने उनके खिलाफ चार्जशीट भी दायर की थी।
यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से काफी चर्चा में है, और देश भर में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।