Last Updated Oct - 03 - 2025, 02:33 PM | Source : Fela News
सहारनपुर दशहरे में रावण का पुतला उड़कर विसर्जित हुआ, जबकि मेघनाथ का पुतला चलकर मैदान में आया। इस अनोखी परंपरा ने दर्शकों को चकित और उत्साहित कर दिया।
सहारनपुर में दशहरे का त्योहार इस बार और भी खास रहा। उत्सव में रावण का पुतला उड़ता हुआ और मेघनाथ पैदल चलते हुए नजर आया, जिसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह नजारा बच्चों और बड़ों दोनों के लिए बेहद रोमांचक रहा।
मेला आयोजकों ने इस बार पुतलों को नई तकनीक और अभिनव तरीके से प्रस्तुत किया। रावण का पुतला खास तंत्रों की मदद से हवा में लटकता हुआ दिखाई दिया, जबकि मेघनाथ को मानव रूप में चलाया गया, जिससे वह बिलकुल जीवंत लगता था। दर्शक इस अनोखी प्रस्तुति को देखकर खुशी और हैरानी दोनों व्यक्त कर रहे थे।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दशहरे के दौरान रावण दहन का यह तरीका पहली बार देखा गया। लोग अपने मोबाइल में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर रहे थे। आयोजकों का कहना है कि इस तरह की इनोवेशन से मेले का अनुभव और भी यादगार बन जाता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि आधुनिक तकनीक और पारंपरिक उत्सव का यह मिश्रण दर्शकों को नया अनुभव देता है और त्योहार की रौनक बढ़ाता है। इस साल के साहारनपुर दशहरे ने साबित कर दिया कि परंपरा और नवाचार एक साथ जुड़कर उत्सव को और रोमांचक बना सकते हैं।
कुल मिलाकर, उड़ता रावण और चलते मेघनाथ का यह नजारा दर्शकों के लिए एक अलग और यादगार अनुभव बन गया।