Last Updated Mar - 19 - 2025, 05:01 PM | Source : Fela News
आम आदमी पार्टी के नेताओं पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। ताजा मामले में दिल्ली सरकार के पूर्व PWD मंत्री सत्येंद्र जैन फिर से सवालों के घेरे में हैं। इ
दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने पूर्व PWD मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ 571 करोड़ रुपये की सीसीटीवी परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोप में केस दर्ज किया है।
क्या हैं आरोप?
दिल्ली के 70 विधानसभा क्षेत्रों में 1.4 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना थी। लेकिन देरी के कारण भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) पर 16 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई गई थी। आरोप है कि सत्येंद्र जैन ने 7 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर यह पेनल्टी माफ कर दी।
BEL अधिकारियों की होगी जांच
शिकायतकर्ता मनमोहन पांडेय की शिकायत पर ACB ने भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मामले की जांच के लिए इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजने की अनुमति दी थी।
सत्येंद्र जैन ने कब दिया था इस्तीफा?
सत्येंद्र जैन को मई 2022 में मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था। फिलहाल वह जमानत पर हैं और फरवरी 2023 में उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
कैसे खुला मामला?
ACB ने पहले BEL अधिकारी जितेंद्र कुमार से पूछताछ की। 23 अगस्त 2019 की एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया था कि दिल्ली सरकार ने परियोजना में देरी के लिए BEL और उसके ठेकेदारों पर 16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसी जांच के दौरान घोटाले का खुलासा हुआ।
कैमरों का ऑर्डर और रिश्वत का लेन-देन
BEL को बार-बार 1.4 लाख अतिरिक्त कैमरे लगाने के ऑर्डर दिए गए। आरोप है कि 7 करोड़ की रिश्वत उन्हीं ठेकेदारों के जरिए दी गई, जिन्हें यह ऑर्डर मिला था। शिकायतों के मुताबिक, पूरे प्रोजेक्ट में गड़बड़ियां थीं, कई कैमरे खराब थे और रिश्वत देकर ठेकेदारों के ऑर्डर बढ़ाए गए।
जांच जारी
ACB के संयुक्त आयुक्त मधुर वर्मा ने कहा कि फिलहाल 7 करोड़ की रिश्वत और 16 करोड़ की पेनल्टी माफ करने का मामला सामने आया है, लेकिन जांच में और घोटाले भी उजागर हो सकते हैं। PWD और BEL से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच जारी है, और इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।