Last Updated Oct - 07 - 2025, 04:55 PM | Source : Fala News
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन ने सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय कर लिया है। हालांकि कांग्रेस और अन्य सहयोगी दल अब भी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर अस
बिहार चुनाव की सरगर्मी के बीच महागठबंधन ने सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक आरजेडी को सबसे ज्यादा सीटें दी गई हैं, जबकि कांग्रेस औरअन्य सहयोगी दलों को कुछ महत्वपूर्ण सीटें आवंटित की गई हैं। इस कदम का मकसद गठबंधन को मजबूती देना और चुनाव में एनडीए के खिलाफ एकजुट मोर्चा खड़ा करना है।कांग्रेस को इस बार अनुमानित रूप से 50–55 सीटें मिलने की संभावना है। हालांकि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह संख्या उन्हें संतुष्ट करने के लिए पर्याप्तनहीं है। वहीं, महागठबंधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती अभी भी CM फेस तय करना है। आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव ने खुद को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है,लेकिन कांग्रेस और वामदल इसे पूरी तरह स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि सीट बंटवारे के बावजूद अगर CM फेस पर समझौता नहीं हुआ, तो गठबंधन में फूट पड़ सकती है। इसके चलते सभी दल फिलहाल वार्ता जारीरखे हुए हैं और जनता के बीच एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बिहार में महागठबंधन का यह सीट फॉर्मूला रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि एनडीए की चुनौती को देखते हुए हर सीट की गणना अहमहै। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि गठबंधन अगले कुछ दिनों में मुख्यमंत्री उम्मीदवार पर सहमति बना पाएगा या नहीं।इस बार का चुनाव महागठबंधन के लिए सिर्फ सीटों की नहीं, बल्कि एकजुटता और नेतृत्व के लिए भी निर्णायक साबित होगा।