Last Updated Feb - 20 - 2026, 03:32 PM | Source : Fela News
अखाड़ा परिषद प्रमुख ने अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। रवींद्र पुरी ने कहा संत समाज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ खड़ा है।
शंकराचार्य Avimukteshwaranand Saraswati से जुड़े विवाद पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने स्पष्ट रुख अपनाया है। परिषद के अध्यक्ष Ravindra Puri ने कहा कि संत समाज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के साथ खड़ा है, न कि अविमुक्तेश्वरानंद के साथ।
बताया जा रहा है कि लखनऊ मार्च को लेकर चल रहे विवाद के बीच अखाड़ा परिषद प्रमुख ने शंकराचार्य के रुख पर नाराजगी जताई। सूत्रों के मुताबिक रवींद्र पुरी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति संत समाज पर दबाव बनाने या “दादागिरी” दिखाने की कोशिश न करे। उन्होंने यह भी कहा कि अखाड़ा परिषद का अपना स्वतंत्र निर्णय होता है और वह किसी के प्रभाव में नहीं है।
रिपोर्ट के अनुसार परिषद प्रमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संत परंपरा से जुड़े हैं और धार्मिक मामलों को समझते हैं, इसलिए संत समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने संकेत दिया कि विवाद को अनावश्यक रूप से बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रमों को लेकर आवश्यक अनुमति और व्यवस्थाओं का पालन किया जाना चाहिए।
इस बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रम और उससे जुड़े बयानों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सूत्रों के मुताबिक अखाड़ा परिषद ने स्पष्ट किया कि किसी भी आयोजन को लेकर परिषद का निर्णय सामूहिक विचार के बाद ही होता है और व्यक्तिगत बयान पूरे संत समाज का प्रतिनिधित्व नहीं करते।
वहीं दूसरी ओर परिषद प्रमुख ने कहा कि संत समाज का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सद्भाव को बनाए रखना है। उन्होंने विवाद को समाप्त करने और अनावश्यक बयानबाजी से बचने की भी अपील की। बताया जा रहा है कि इस बयान के बाद संत समुदाय के भीतर चल रही मतभिन्नता खुलकर सामने आ गई है।
कुल मिलाकर अखाड़ा परिषद के बयान ने इस विवाद को नई दिशा दे दी है, जिसमें परिषद ने स्पष्ट रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन की बात कही है और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रुख से दूरी बनाई है।
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