Last Updated Oct - 30 - 2025, 01:48 PM | Source : Fela News
सुप्रीम कोर्ट ने 22 अगस्त को सभी राज्यों को आवारा कुत्तों पर जवाब दाखिल करने को कहा था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी जवाब नहीं आने पर कोर्ट नाराज हो गया.
बिहार के मुख्य सचिव ने गुरुवार (30 अक्टूबर, 2025) को सुप्रीम कोर्ट से आवारा कुत्तों के मामले में पेशी से छूट मांगी, यह कहते हुए कि वे विधानसभा चुनावों में व्यस्त हैं. लेकिन कोर्ट ने छूट देने से इनकार कर दिया और कहा कि चुनाव के संचालन में उनकी कोई खास भूमिका नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 3 नवंबर को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है.
27 अक्टूबर को कोर्ट ने सभी राज्यों को फटकार लगाई थी, क्योंकि उन्होंने अब तक आवारा कुत्तों पर अपना जवाब दाखिल नहीं किया था. कोर्ट ने कहा था कि तेलंगाना और पश्चिम बंगाल को छोड़कर बाकी सभी राज्यों को 3 नवंबर को पेश होना होगा, क्योंकि ये दोनों राज्य पहले ही हलफनामा जमा कर चुके हैं.
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने चेतावनी दी थी कि अगर अधिकारी अगली सुनवाई में पेश नहीं हुए, तो उन पर जुर्माना या सजा दी जा सकती है.
यह मामला तब शुरू हुआ जब 11 अगस्त को कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर में रखने और 5,000 क्षमता वाले शेल्टर बनाने का आदेश दिया था. एनिमल लवर्स के विरोध के बाद यह आदेश बदला गया और अब कोर्ट ने निर्देश दिया है कि देशभर में आवारा कुत्तों को टीकाकरण और डि-वॉर्मिंग के बाद ही छोड़ा जाए.