Last Updated Feb - 26 - 2026, 11:08 AM | Source : Fela News
हरियाणा के मुख्याम में देश का पहला AI आधारित डॉन्स और रोबोट डिलीवरी नेटवर्क शुरू हुआ है, जो पारंपरिक डिलीवरी सिस्टम को पूरी तरह बदान देगा।
हरियाणा के गुरुग्राम शहर में एक और तकनीकी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। यहां Al (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से गैस ड्रोन्स और रोबोट डिलीवरी नेटवर्क कर विस्तार हुआ है, जो पारंपरिक डिलीवरी मॉडल से एक कदम आगे बढ़कर तेज, सुरक्षित और स्मार्ट डिलीवरी सिस्टम प्रदान करेगा। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य शहर मी वितरण सेवाओं को तेज करना, लागत कम करना और उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव अनुभव देना है, जिससे -कॉमर्स, फार्मसी, फूड डिलीवरी और अन्य सेवाओं का अविष्य और अधिक उन्नत बने।
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इस नई तकनीकी पहल के तहत गुरुग्राम में ऐसे डोल्स तैयार किए गए है जो AI तकनीक के साथ काम करते हैं। ड्रोन्स GPS, रूट अनुकूलन सॉफ्टवेयर और स्मार्ट सेसर्स से लैस है. जी ग्राहकों तक वस्तुओं की सटीक और तेज डिलीवर करने में सक्षम है। वहीं डिलीवरी रोबोट्स सहको और फुटपाथों पर स्वतः नेविगेट कर पैकेजों को यहाकी के दरवाजे तक पहुंचाएंगे। इस सभी नेटवर्क करे Al आधारित निगरानी और डेटा सिस्टम से जोड़ा गया है, ताकि डिलीवरी प्रक्रिया में कोई त्रुटि न हो और हर पैकेज सही समय पर पहुंच सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और स्थानीय प्रशासन के अधिकारीओं ने इस अवसर पर कहा कि यह टेक्नोलॉजी न सिर्फ स्थानीय व्यवसायों की मदद करेगी, बल्कि शहर की स्मार्ट सिटी के तौर पर नहचान दिलाएगी। उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क में डिलीवरी समय में 40 से 60 फीसदी की कमी आएगी और पारंपरिक डिलीवरी खर्च भी काणी घटेगा। व्यापारियों और छोटे व्यवसायी को इससे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि वे रोजमर्रा की डिलीवरी आगत और समय दोनों बचा सकेंगे।
इस पहल का एक मुख्य उद्देश्यों में से एक बाभीण और सहरी दोनी इलाकों में समान डिलीवरी सुविधा प्रदान करना है। जहां पारंपरिक डिलीवरी सिस्टम में धीमी गति और ट्रैफिक संबंधी समस्याएं होती थी, वहीं AI ड्रोन्स और रोबोट नेटवर्क इन समस्याओं को हल करने के लिए तैयार किए गए है। खासतौर पर ट्रैफिक जाम वाले इलाको में रोबोट डिलीवरी और हवाई ड्रोन्स का उपयोग तेज और सुरक्षित ढंग से पैकेज पहुंचाने में काफी सहायक साबित हो
ऑनलाइन शॉपिंग और कूरियर सेवाओं के बढ़ते उपयोग के कारण डिलीवरी स्पीड और विश्वसनीयता एक बड़ा विषय बन गया है। इसके मद्देनजर गुरुयाम प्रशासन ने शहर को वैज्ञानिक और तकनीकी दृष्टिकोण से सशक्त बनाने के लिए A1 और मशीन अर्निंग आधारित डिलीवरी सिस्टम की चुना है। सेलपर्स का कहना है कि यह प्रणाली मांग के अनुसार स्वयं सीखती है और ऑन-बोर्ड सेसर्स व डेटा सर्निंग सिस्टम के जरिये डिलीवरी स्ट को सनालार अनुकूल बनाती है।
गुरुग्राम के स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी इसका फायदा होगा। युवा उद्यमी और तकनीकी स्टार्टअप्स अब इस नई पहुंच धणानी का उपयोग करके अपने ग्राहकी को बेहतर और तेज सेवाएँ प्रदान कर सकेंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर भी उभरेंगे। वहीं उपभोक्ता भी इस नवीन डिलीवरी सेवा को लेकर उत्साहित है, क्योंकि वे चाहते हैं कि उनका ऑर्डर कम समय में और सुरक्षित तरीके से पहुंच जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत में स्मार्ट लॉजिस्टिक्स और AI-आधारित समाधान की दिशा में एक बड़ा कदम है। भविष्य में इसी तरह की तकनीक और भी शहरों में फैलेगी और यह डिलीवरी नेटवर्क जल्दी ही पूरे देश में फैलने लगेगा। इससे ई-कॉमर्स कंपनियों को भी तेज और किपरायती सेवाएँ देने में मदद मिलेगी।
इसके साथ ही यह पहल पर्यावरण और ट्रैफिक जाम को कम करने में भी मददगार सिद्ध होगी। चूंकि ड्रोन्स और रोबोट्स पारंपरिक डिलीवरी वाहनों की तुलना में कम ऊर्जा का उपयोग करते हैं, इससे कार्बन उत्सर्जन में कभी भी संभव है।
इस तकनीकी उन्नति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आज की दुनिया में AI और ऑटोमेशन सिर्फ कल्पना नहीं बल्कि रोजमर्रा के जीवन और व्यवसायी में बदलाव लाने का जरिया बन चुके हैं। गुरुग्राम के इस होल्या और रोबोट डिलीवरी नेटवर्क ने भारत के स्मार्ट सिटी विजन को साकार करते हुए एक नई मिसाल स्थापित की है।
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