Last Updated Jan - 20 - 2026, 11:54 AM | Source : Fela News
गांधी मैदान क्षेत्र के गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा की आत्महत्या के बाद परिजनों ने वार्डन और संचालक पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया, पुलिस जांच तेज ।
बिहार की राजधानी पटना में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने एक बार फिर कोचिंग हब में रह रही छात्राओं की सुरक्षा और हॉस्टल व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गांधी मैदान थाना क्षेत्र के सीपी ठाकुर रोड स्थित एक गर्ल्स हॉस्टल में रह रही छात्रा ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। घटना छह जनवरी की बताई जा रही है, जब छात्रा का शव उसके कमरे में पंखे से लटका मिला था।
मामले की जानकारी मिलते ही गांधी मैदान थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने एक युवक को जिम्मेदार माना था, जो पूर्णिया का रहने वाला बताया गया। पुलिस के अनुसार, युवक छात्रा को लगातार फोन और मैसेज के जरिए परेशान कर रहा था। इसी एंगल पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार भी कर लिया था।
हालांकि, अब इस मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृत छात्रा के पिता ने वरीय पुलिस अधिकारियों और गांधी मैदान थाने को लिखित आवेदन देकर हॉस्टल संचालक और वार्डन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का कहना है कि उनकी बेटी को हॉस्टल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था, जिससे वह लंबे समय से तनाव में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डन का व्यवहार बेहद कठोर था और छोटी-छोटी बातों पर छात्रा को अपमानित किया जाता था।
परिजनों का दावा है कि छात्रा ने फोन पर कई बार हॉस्टल के माहौल को लेकर शिकायत की थी, लेकिन पढ़ाई के दबाव के कारण वह वहीं रह रही थी। पिता ने कहा कि अगर समय रहते हॉस्टल प्रशासन ने सहयोग किया होता, तो उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस ने परिजनों के आवेदन को गंभीरता से लेते हुए हॉस्टल संचालक और वार्डन से पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं से भी जानकारी जुटा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां का माहौल कैसा था और क्या वास्तव में छात्रा पर किसी प्रकार का दबाव डाला जा रहा था।
इस घटना ने पटना में हाल ही में सामने आए दूसरे हॉस्टल कांड की याद भी ताजा कर दी है, जहां NEET छात्रा की मौत के बाद हॉस्टल प्रबंधन पर सवाल उठे थे। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
फिलहाल पुलिस दोनों एंगल - बाहरी उत्पीड़न और हॉस्टल के अंदर कथित प्रताड़ना - को जोड़कर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सुरक्षित और संवेदनशील माहौल कितना जरूरी है।
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