Last Updated Apr - 08 - 2025, 02:55 PM | Source : Fela News
SC ने तमिलनाडु सरकार की अपील मान ली और कहा कि गवर्नर आरएन रवि का 10 बिलों को मंजूरी न देना गलत और मनमानी थी।
आज तमिलनाडु सरकार के लिए बड़ी जीत हुई। सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपाल आरएन रवि के उस फैसले को गलत और मनमाना बताया, जिसमें उन्होंने विधानसभा के पास किए गए 10 अहम बिलों को मंजूरी नहीं दी थी। कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल का यह कदम संविधान के खिलाफ है और उसे रद्द किया जाता है। अब ये बिल उसी तारीख से मंजूर माने जाएंगे, जब दोबारा उन्हें राज्यपाल के पास भेजा गया था।
क्या था मामला?
राज्यपाल ने इन 10 बिलों को मंजूरी देने से मना कर दिया था और उन्हें राष्ट्रपति के पास भेज दिया। राज्य सरकार ने इसे कोर्ट में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने अब सरकार के पक्ष में फैसला दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने कहा कि गवर्नर को संविधान के अनुसार काम करना चाहिए और मंत्रिपरिषद की सलाह माननी चाहिए। अगर कोई फैसला लेते हैं, तो वो पारदर्शी और समय पर होना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि गवर्नर के फैसलों की न्यायिक समीक्षा हो सकती है, और अगर वे एक महीने के अंदर फैसला नहीं लेते, तो उन पर सवाल उठ सकते हैं।
CM स्टालिन का बयान
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने फैसले को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह सिर्फ तमिलनाडु ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राज्यों के अधिकारों की जीत है। उन्होंने कहा कि DMK हमेशा राज्यों की आज़ादी और संघीय ढांचे की रक्षा करता रहेगा।
राज्यपाल बनाम सरकार का विवाद
गवर्नर और राज्य सरकार के बीच पहले भी कई बार टकराव हुआ है – जैसे विधानसभा में भाषण को न पढ़ना या राष्ट्रगीत को लेकर विवाद। यह मामला भी उसी तनाव का हिस्सा था।