Last Updated May - 07 - 2026, 11:46 AM | Source : Fela News
तमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस गहरा गया है। राज्यपाल ने TVK से 118 विधायकों के समर्थन पत्र मांगे हैं, जिसके बाद विजय का आज होने वाला शपथ ग्रहण टाल दिया गया।
तमिलनाडु में नई सरकार गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। TVK प्रमुख विजय का आज प्रस्तावित शपथ ग्रहण फिलहाल टाल दिया गया है। इसकी बड़ी वजह राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा सामान्य बहुमत साबित करने के लिए 118 विधायकों के समर्थन पत्र मांगा जाना माना जा रहा है।
विजय की सुरक्षा भी वापस ली गई
राजनीतिक घटनाक्रम के बीच सरकार की ओर से विजय को दी गई प्रोटोकॉल कॉन्वॉय सुरक्षा भी वापस ले ली गई है। हालांकि बेसिक पायलट सिक्योरिटी अभी जारी रहेगी। इस फैसले के बाद राज्य की राजनीति में और हलचल बढ़ गई है।
TVK ने 112 विधायकों का समर्थन पेश किया
सूत्रों के मुताबिक TVK ने कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के साथ कुल 112 विधायकों का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंप दिया है। चूंकि विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं, इसलिए पार्टी की प्रभावी संख्या 107 मानी जा रही है। पार्टी अब अन्य दलों से समर्थन जुटाने में लगी हुई है।
VCK, PMK और लेफ्ट दलों से बातचीत जारी
TVK की वीसीके, पीएमके और वामपंथी दलों के साथ लगातार बातचीत चल रही है। हालांकि अभी तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। माना जा रहा है कि समर्थन जुटाने में कुछ और समय लग सकता है।
कांग्रेस ने राज्यपाल पर उठाए सवाल
कांग्रेस ने राज्यपाल के रुख पर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि सबसे बड़ी पार्टी के नेता को सरकार बनाने के लिए बुलाना राज्यपाल की संवैधानिक जिम्मेदारी होती है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि विजय को बहुमत के नाम पर बेवजह परेशान किया जा रहा है।
कानूनी राय लेने की तैयारी में TVK
राज्यपाल के रुख के बाद TVK ने पूरे मामले में कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने का फैसला किया है। वहीं दूसरी ओर डीएमके भी आज विधायक दल की बैठक करने जा रही है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
AIADMK में भी बढ़ी हलचल
इधर एआईएडीएमके के भीतर भी हलचल तेज हो गई है। देर रात पार्टी के कई विधायकों को पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में भेजा गया। सूत्रों के मुताबिक ये विधायक सीवी षणमुगम गुट से जुड़े बताए जा रहे हैं।
108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी TVK
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया था। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विजय कब तक जरूरी समर्थन जुटाकर सरकार बनाने का दावा पेश करते हैं।
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