Header Image

मठ में स्विमिंग पूल-शीशमहल? सच सामने आते ही सब चौंके

मठ में स्विमिंग पूल-शीशमहल? सच सामने आते ही सब चौंके

Last Updated Feb - 25 - 2026, 02:49 PM | Source : Fela News

वाराणसी स्थित श्री विद्या मठ को लेकर लगाए गए पांच मंजिला, स्विमिंग पूल और शीश महल के दावों की पड़ताल में वास्तविक संरचना अलग पाई गई। जांच में बताया गया कि मठ पारंपरिक ढांचे का है और चर्चित सुविधाओं के दावे सही नहीं मिले।
मठ में स्विमिंग पूल-शीशमहल?
मठ में स्विमिंग पूल-शीशमहल?

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के केदार घाट स्थित श्री विद्या मठ इन दिनों चर्चा में है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया था कि मठ पांच मंजिला है और इसकी छत पर स्विमिंग पूल तथा शीश महल जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इन दावों की सच्चाई जानने के लिए मौके पर की गई पड़ताल में अलग तस्वीर सामने आई। 

रिपोर्ट के अनुसार मठ तक पहुंचने वाली गलियां बेहद संकरी हैं, जहां चार पहिया वाहन का पहुंचना मुश्किल बताया गया। अंदर प्रवेश करने पर बेसमेंट की ओर जाने वाली सीढ़ियां दिखाई देती हैं, जहां एक बड़ा हॉल है। इसी स्थान पर सुबह पूजा होती है और श्रद्धालुओं से मुलाकात की जाती है। यहां शंकराचार्य का सिंहासन भी स्थापित है। 

मठ की संरचना को लेकर स्वामी के विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने जानकारी दी कि परिसर कुल तीन मंजिला है और बेसमेंट सहित चार स्तरों में बना है। बेसमेंट में पूजा और मुलाकात का स्थान है, पहली मंजिल पर गुरुकुल संचालित होता है, दूसरी मंजिल पर रसोईघर है और तीसरी मंजिल पर सत्संग स्थल तथा स्वामी का आवास स्थित है। इस तरह पांच मंजिला मठ होने का दावा सही नहीं पाया गया। 

सबसे चर्चित आरोप स्विमिंग पूल को लेकर था। पड़ताल में छत पर किसी प्रकार का स्विमिंग पूल नहीं मिला। हालांकि एक पानी की हौदी जरूर बनाई गई थी। बताया गया कि ब्रह्मलीन स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती को चिकित्सकीय सलाह के कारण यह व्यवस्था की गई थी ताकि वह उसमें बैठकर पैरों की हलचल कर सकें। वर्तमान में यह उपयोग में नहीं है और उसमें सामान रखा हुआ है। 

वहीं शीश महल के दावे की भी जांच में पुष्टि नहीं हुई। मठ का निर्माण साधारण और पारंपरिक शैली का पाया गया, जो धार्मिक गतिविधियों के अनुरूप बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार वास्तविक स्थिति आरोपों से काफी अलग नजर आई और मठ को एक पारंपरिक धार्मिक स्थल बताया गया, जहां गुरुकुल, पूजा और सत्संग जैसी गतिविधियां संचालित होती हैं। 

यह भी पढ़े 

इजरायल में मोदी का जलवा! संसद से अखबारों तक चर्चा

Share :

Trending this week

CJI की सख्त चेतावनी सामने

Feb - 25 - 2026

एनसीईआरटी की एक पुस्तक के अध्याय को लेकर देश की सर्वोच्... Read More

भारत–इजरायल 42 साल ठंडे रिश्ते

Feb - 25 - 2026

भारत और इजरायल के संबंधों को व्यापक रूप से तीन चरणों में ... Read More

ओवैसी का खेल बिगाड़ेगा तेजस्वी का सपना?

Feb - 25 - 2026

बिहार की राजनीति में बदलते समीकरणों के बीच राष्ट्रीय जन... Read More