Last Updated Apr - 09 - 2026, 04:38 PM | Source : Fela News
Delhi-Dehradun Expressway: 14 अप्रैल से दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे शुरू NHAI की राहत, सबापुर-करावल नगर के लोगों को सर्विस रोड पर फ्री सफर, मुख्य हाईवे पर लोनी बॉर्डर टोल लागू रहेगा
दिल्ली से देहरादून का सफर अब पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है। 14 अप्रैल को बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने जा रहा है, जिससे न सिर्फ दूरी कम होगी बल्कि खजूरी पुश्ता जैसे इलाकों में लगने वाले भारी जाम से भी राहत मिलेगी।
इस बीच, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने स्थानीय लोगों को बड़ी राहत देते हुए साफ कर दिया है कि एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर चलने वाले वाहनों से कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। यानी सबापुर, करावल नगर और आसपास के इलाकों के निवासी बिना अतिरिक्त खर्च के अपने रोजमर्रा के काम के लिए इस सड़क का इस्तेमाल कर सकेंगे।
दरअसल, एक्सप्रेसवे के साथ लोनी बॉर्डर पर एक बड़ा टोल प्लाजा बनाया गया है। ऐसे में स्थानीय लोगों को डर था कि उन्हें अपनी ही कॉलोनी या नजदीकी बाजार जाने के लिए भी टोल चुकाना पड़ेगा। खासकर सबापुर गांव के लोग, जो करावल नगर जाने के लिए सर्विस लेन से यू-टर्न लेते हैं, इस फैसले को लेकर चिंतित थे।
टोल को लेकर बढ़ती चिंता के बीच स्थानीय संगठनों और निवासियों ने विरोध की तैयारी भी शुरू कर दी थी। लेकिन विवाद बढ़ने से पहले ही NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार ने स्थिति स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि सर्विस रोड पूरी तरह टोल-फ्री रहेगी और केवल मुख्य हाईवे का इस्तेमाल करने वाले वाहनों से ही टोल वसूला जाएगा।
इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन अब एक नई मांग भी उठने लगी है। लोनी से दिल्ली की ओर आने वाले रास्ते पर करावल नगर के पास पहले से मौजूद MCD टोल बूथ को हटाने की मांग तेज हो गई है। RWA और ग्रामीणों का कहना है कि जब नया टोल सिस्टम लागू हो रहा है, तो पुराने टोल बूथ को हटाकर ट्रैफिक को और सुगम बनाया जाना चाहिए।
स्थानीय निवासियों और प्रतिनिधियों ने NHAI के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे आम जनता के हित में बताया है। उनका कहना है कि सर्विस रोड को टोल-फ्री रखना एक सराहनीय कदम है, जिससे लोगों की जेब पर बोझ नहीं पड़ेगा और रोजमर्रा की आवाजाही आसान होगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे न सिर्फ कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए भी सुविधाजनक और किफायती यात्रा का विकल्प साबित होगा।
यह भी पढ़े