Last Updated Jun - 13 - 2025, 11:05 AM | Source : Fela News
एहतियात के बावजूद टेकऑफ़ के तुरंत बाद विमान दुर्घटनाएं अक्सर तकनीकी गड़बड़ी या मानवीय त्रुटि के कारण होती हैं।
अहमदाबाद एयर इंडिया क्रैश जैसे हादसों में विशेषज्ञ दो मुख्य कारणों का सामने कर रहे हैं:
1. तकनीकी खराबी या इंजन फेल होना
टेकऑफ़ के दौरान विमान इंजन पर अत्यधिक दबाव पड़ता है—यदि कोई इंजन फेल हो जाता है, तो कम ऊँचाई और गति के चलते पायलट के पास इसे संभालने के लिए बहुत कम समय होता है ।
जुड़ी प्रणालियों जैसे फ्लैप्स या लैंडिंग गियर ठीक न हटने पर विमान को सम्पूर्ण लिफ्ट नहीं मिल पाती, जिससे क्रैश की संभावना बढ़ जाती है—जैसे कि अहमदाबाद हादसे में फ्लैप्स बंद थे, लेकिन गियर रिट्रैक्ट नहीं हुआ ।
विशेषज्ञों के अनुसार, COVID‑19 के बाद पायलटों और टेक्निशियनों का प्रशिक्षण कम हो गया, और एयर ट्रैफिक कंट्रोल में थकावट से भी सुरक्षा में खामी आ रही है ।
2. पायलट या मानव त्रुटि
टेकऑफ़ और क्लाइम्बिंग का चरण सबसे खतरनाक माना जाता है—यह वह समय होता है जब पायलट को इंस्ट्रूमेंट्स पर ध्यान देते हुए सही एयर-स्पीड और एंगल बनाए रखना होता है ।
यदि पायलट गति, आक्रोश या ऊँचाई में तेज परिवर्तन से चूक जाते हैं, विमान स्टॉल का शिकार हो सकता है—इस तरह के हादसे कई बार देखे गए हैं, जैसे फ्लैप्स/स्टाल से संबंधित दुर्घटनाएं ।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल की गलतियाँ, थका हुआ क्रू या स्टाफ की त्रुटियाँ भी हादसों में योगदान करती हैं ।
टेकऑफ़ और क्लाइम्बिंग फेज बेहद संवेदनशील होते हैं—यहां तकनीकी गड़बड़ियों और मानवीय चूक के बीच संतुलन बिगड़ते ही दुर्घटना की संभावना बहुत तेज़ी से बढ़ जाती है। अहमदाबाद हादसे में भी श्रम, उपकरण, और प्रक्रियाओं के इस सटीक संतुलन की समस्या देखी जा रही है। जांच एजेंसियों (AAIB, DGCA, NTSB) द्वारा यह परख जारी है कि दुर्घटना किस मूल घटना—तकनीकी विफलता या मानव नियंत्रण में चूक—की वजह से हुई ।