Last Updated Sep - 01 - 2025, 03:45 PM | Source : Fela News
दो महीने पहले चीन में राजनाथ सिंह ने जिस प्रस्ताव से इनकार किया था, अब प्रधानमंत्री मोदी ने कूटनीतिक रणनीति से वही बात चीन से मनवा ली, बड़ा बदलाव दिखा।
सिर्फ दो महीने पहले चीन में आयोजित बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक अहम दस्तावेज़ पर साइन करने से इनकार कर दिया था। उस समय भारत ने साफ कर दिया था कि राष्ट्रीय हितों से समझौता संभव नहीं है। लेकिन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया चीन यात्रा और एससीओ शिखर सम्मेलन में वही मुद्दा भारत के पक्ष में सुलझ गया
जानकारी के मुताबिक, एससीओ के एजेंडे पर मौजूद कुछ बिंदुओं को लेकर भारत ने आपत्ति जताई थी। राजनाथ सिंह ने जून में साफ कर दिया था कि जब तक भारत की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, वह सहमति नहीं देंगे। अब अगस्त में प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी और कूटनीतिक वार्ताओं के बाद भारत की बात मानी गई और दस्तावेज़ पर सहमति बनी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव मोदी सरकार की सक्रिय कूटनीति और मजबूत रुख का नतीजा है। दो महीने के भीतर भारत ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट रखी बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्वीकार भी करवाया।
यह घटनाक्रम एक बार फिर दिखाता है कि वैश्विक मंचों पर भारत अब केवल सहभागी नहीं बल्कि निर्णय गढ़ने वाला खिलाड़ी बनता जा रहा है।