Last Updated Jan - 24 - 2026, 06:07 PM | Source : Fela News
सोने के व्यापार, ज्वेलरी कारीगरी और थोक बाजार का सबसे बड़ा केंद्र है केरल का त्रिशूर, जिसे पूरे देश में 'गोल्ड कैपिटल ऑफ इंडिया' कहा जाता है।
जब भी भारत में सोने और चांदी की बात होती है, तो लोगों के दिमाग में दिल्ली, मुंबई या जयपुर जैसे शहरों के नाम आते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि भारत का असली 'गोल्ड कैपिटल' केरल का एक शहर है, जिसका नाम है Thrissur। यह शहर न सिर्फ केरल, बल्कि पूरे भारत में सोने की ज्वेलरी बनाने, थोक व्यापार और डिजाइनिंग का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।
त्रिशूर को यह पहचान एक-दो साल में नहीं मिली, बल्कि सदियों की कारीगरी, भरोसेमंद व्यापार और मजबूत नेटवर्क ने इसे यह मुकाम दिलाया है। यहां सोना सिर्फ एक धातु नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और रोज़गार का बड़ा आधार है।
त्रिशूर में हजारों ज्वेलरी यूनिट्स, वर्कशॉप्स और शोरूम मौजूद हैं। देश के कई बड़े ज्वेलरी ब्रांड्स की शुरुआत यहीं से हुई थी। दक्षिण भारत के अलावा उत्तर और पश्चिम भारत तक यहां की बनी ज्वेलरी सप्लाई की जाती है। खास बात यह है कि यहां का सोने का कारोबार केवल रिटेल तक सीमित नहीं है, बल्कि थोक व्यापार में भी त्रिशूर की पकड़ बेहद मजबूत है। इस शहर की ज्वेलरी कारीगरी पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ी है। कई परिवार ऐसे हैं, जो सैकड़ों सालों से सोने का काम कर रहे हैं। यही वजह है कि यहां की ज्वेलरी की फिनिशिंग, डिजाइन और शुद्धता की देश भर में अलग पहचान है। खासकर ब्राइडल ज्वेलरी और टेंपल ज्वेलरी में त्रिशूर का कोई मुकाबला नहीं माना जाता ।
त्रिशूर की भौगोलिक स्थिति भी इसके व्यापार को मजबूत बनाती है। केरल के मध्य में स्थित होने की वजह से यहां से पूरे राज्य और दक्षिण भारत में सप्लाई आसान हो जाती है। इसके साथ ही यहां मजबूत कोऑपरेटिव बैंकिंग सिस्टम है, जो ज्वेलर्स को लोन, गोल्ड ट्रांजैक्शन और फाइनेंशियल सपोर्ट देता है। यही वजह है कि यहां सोने का कारोबार संगठित और भरोसेमंद माना जाता है।
यह शहर रोजगार का भी बड़ा केंद्र है। कारीगर, डिजाइनर, पॉलिशर, ट्रेडर, अकाउंटेंट और सपोर्ट स्टाफ मिलाकर लाखों लोग सीधे या परोक्ष रूप से सोने की इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड कंज्यूमर देशों में से एक है और उस मांग को पूरा करने में त्रिशूर की भूमिका बेहद अहम है।
शादी और त्योहारों के मौसम में त्रिशूर का ज्वेलरी बाजार पूरी तरह गुलजार हो जाता है। यहां के डिजाइन पूरे दक्षिण भारत में ट्रेंड बन जाते हैं। यही कारण है कि इस शहर को सिर्फ ज्वेलरी हब ही नहीं, बल्कि भारत की गोल्ड इकॉनमी की रीढ़ भी कहा जाता है।