Last Updated Feb - 21 - 2026, 03:09 PM | Source : Fela News
करीब 12 हजार साल पहले इंसान ने पहली बार अनाज उगाया और खेती शुरू हुई। जानिए कौन सा था पहला अनाज और कैसे बदली मानव सभ्यता की दिशा ।
आज दुनिया की पूरी खाद्य व्यवस्था खेती पर आधारित है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब इंसान खेती करना नहीं जानता था। वह जंगलों में शिकार करता, फल-फूल और जंगली पौधों पर निर्भर रहता था। उस दौर में इंसान घुमंतू जीवन जीता था और भोजन की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह जाता था। लेकिन करीब 12,000 साल पहले मानव इतिहास में एक ऐसा परिवर्तन हुआ जिसने सभ्यता की नींव रखी। इसी दौर में इंसान ने पहली बार अनाज उगाना शुरू किया और खेती की शुरुआत हुई।
इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के अनुसार खेती की शुरुआत नवपाषाण काल (Neolithic Age) में हुई। यह वह समय था जब इंसान ने पहली बार स्थायी रूप से एक जगह बसना शुरू किया। खेती का सबसे पुराना प्रमाण जिस क्षेत्र में मिला है, उसे "फर्टाइल क्रेसेंट" कहा जाता है। यह क्षेत्र आज के इराक, सीरिया, तुर्की, जॉर्डन और इजराइल के हिस्सों में फैला हुआ था। यहां की उपजाऊ मिट्टी और नदियों की उपलब्धता ने खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान कीं।
वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि इंसान द्वारा उगाया गया सबसे पहला अनाज गेहूं की प्राचीन किस्में थीं, जिन्हें एंकोर्न (Einkorn) और एमर (Emmer) कहा जाता है। ये गेहूं की जंगली प्रजातियां थीं, जिन्हें इंसान ने पहचानकर धीरे-धीरे नियंत्रित तरीके से उगाना शुरू किया। इसके साथ ही जौ (Barley) की खेती के भी प्रमाण मिले हैं। माना जाता है कि शुरुआत में इंसान जंगली पौधों से बीज इकट्ठा करता था, फिर उसने देखा कि जमीन पर गिरने वाले बीज से नए पौधे उगते हैं। इसी समझ ने खेती की शुरुआत की नींव रखी।
करीब 10,000 साल पहले तक इंसान खेती की बुनियादी तकनीक सीख चुका था। उसने बीज बोना, फसल काटना और अनाज को सुरक्षित रखना शुरू किया। इससे उसे भोजन की स्थिर उपलब्धता मिलने लगी। अब उसे हर दिन भोजन की तलाश में भटकना नहीं पड़ता था। धीरे-धीरे लोगों ने स्थायी घर बनाए और गांव बसने लगे। यही प्रक्रिया आगे चलकर शहरों और सभ्यताओं के निर्माण का आधार बनी।
खेती की शुरुआत ने मानव जीवन को पूरी तरह बदल दिया। इससे न केवल भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि व्यापार, समाज और संस्कृति का भी विकास हुआ। अनाज को पीसकर आटा बनाना, रोटी पकाना और उसे लंबे समय तक संग्रहित करना संभव हुआ। इससे इंसान के जीवन में स्थिरता आई और वह अन्य क्षेत्रों जैसे कला, विज्ञान और तकनीक में आगे बढ़ सका।
भारत में भी खेती का इतिहास हजारों साल पुराना है। सिंधु घाटी सभ्यता में गेहूं और जौ की खेती के प्रमाण मिले हैं। इससे स्पष्ट होता है कि खेती ने दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में सभ्यता के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज जब हम रोजाना रोटी, चावल या अन्य अनाज खाते हैं, तो यह हजारों साल पुराने उस ऐतिहासिक बदलाव का परिणाम है, जब इंसान ने पहली बार बीज बोया था। खेती केवल भोजन का साधन नहीं, बल्कि मानव सभ्यता की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है, जिसने दुनिया को आज के आधुनिक रूप तक पहुंचाया।
यह भी पढ़े