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किसने खोला बेल का गुप्त खेल….फर्जी कागज़ों पर बड़े अपराधियों को बाहर निकालने वाला गैंग बेनकाब

किसने खोला बेल का गुप्त खेल….फर्जी कागज़ों पर बड़े अपराधियों को बाहर निकालने वाला गैंग बेनकाब

Last Updated Dec - 03 - 2025, 03:37 PM | Source : Fela News

बांदा पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों से अपराधियों की जमानत कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया, जिससे गंभीर मामलों के कई आरोपी बाहर आ रहे थे।
किसने खोला बेल का गुप्त खेल
किसने खोला बेल का गुप्त खेल

बांदा में पुलिस ने उस रैकेट का पर्दाफाश किया है जो फर्जी डॉक्युमेंट्स के दम पर बड़े-बड़े अपराधियों की जमानत करवाने का गंदा खेल चला रहा था। यह मामला सामने आते ही जिले में हलचल मच गई, क्योंकि कई गंभीर मामलों में आरोपी ऐसे ही नकली कागज़ों की मदद से जेल से बाहर आ चुके थे।

पुलिस की जांच में पता चला कि यह गैंग नकली आधार कार्ड, फर्जी पहचान पत्र, और फर्जी गारंटर के कागज़ बनाकर अदालत में जमा करता था। बाहर से देखने पर सब कुछ असली लगता था, लेकिन अंदर की कहानी अलग थी। आरोपियों के वकील के माध्यम से यह पूरा सेटअप बेझिझक काम कर रहा था और हर बेल के लिए मोटी रकम ली जा रही थी। पिछले कुछ महीनों में कई मामलों में जमानत पर बाहर निकले आरोपियों का रिकॉर्ड देखकर पुलिस को शक हुआ और जांच शुरू की गई।

जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि यह गैंग कई जिलों में फैला हुआ है और जरूरत पड़ने पर नकली गवाह और गारंटर तक तैयार कर देता था। बेल ऑर्डर जिन दस्तावेजों पर दिया जाता था, उनमें बाद में छेड़छाड़ और मिलावट भी पाई गई। पुलिस ने इस गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से बड़ी मात्रा में दस्तावेज़, फर्जी स्टांप और डिजिटल टेम्प्लेट बरामद किए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी पहले पीड़ित पक्ष की कमजोरियों का पता लगाते, फिर उन अपराधियों से संपर्क कर फटाफट जमानत का भरोसा देते। बदले में मोटी कमाई होती थी और जेल से सामर्थ्यवान अपराधी आसानी से बाहर आ जाते थे, जिससे अपराध की घटनाएं और बढ़ रही थीं।

अब इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि कितने अपराधी इस रैकेट की मदद से जमानत पर बाहर आए और किन-किन मामलों में फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल हुआ। पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि ये गिरफ्तारियां सिर्फ शुरुआत हैं, क्योंकि इसमें कई और लोग शामिल होने की आशंका है।

इस खुलासे के बाद न्यायिक सिस्टम की सुरक्षा और डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस इस रैकेट को पूरी तरह तोड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही है ताकि बेल के नाम पर चल रहा यह फर्जी खेल पूरी तरह खत्म हो सके।

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