Last Updated Sep - 29 - 2025, 05:00 PM | Source : Fela News
भूपेंद्र यादव और बिप्लब देब को पश्चिम बंगाल में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। सवाल है कि क्या ये दोनों नेता मिलकर बीजेपी का मजबूत किला यहां बना पाएंगे?
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बीजेपी लंबे समय से मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश कर रही है। कभी कैलाश विजयवर्गीय ने ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति से पार्टी को नई पहचान दिलाई थी। अब सवाल उठ रहा है कि क्या भूपेंद्र यादव और बिप्लब देब उसी सफर को आगे बढ़ाकर बीजेपी को सत्ता तक ले जा पाएंगे।
सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं को संगठन और रणनीति बनाने का अच्छा अनुभव है। भूपेंद्र यादव को चुनाव प्रबंधन में माहिर माना जाता है, जबकि बिप्लब देब का पूर्वोत्तर में किया गया काम पार्टी के लिए मिसाल है। लेकिन बंगाल में चुनौती आसान नहीं है क्योंकि ममता बनर्जी का जनाधार अभी भी काफी मजबूत है।
बीजेपी का फोकस अब स्थानीय नेताओं को साथ लेकर जनता से सीधा जुड़ाव बनाने पर है। पार्टी मानती है कि लगातार संघर्ष और जमीनी संगठन ही ममता सरकार को टक्कर दे सकते हैं। ऐसे में आने वाले चुनाव बताएंगे कि क्या ये नई जोड़ी वाकई बीजेपी को बंगाल में सत्ता के दरवाजे तक पहुंचा पाएगी।