Last Updated Jun - 28 - 2025, 11:46 AM | Source : Fela News
कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में युवती से गैंगरेप की घटना सामने आई है। टीएमसी छात्र नेता समेत तीन आरोपी गिरफ्तार हुए, जिससे राज्यभर में भारी आक्रोश फैल गया है।
कोलकाता के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में बुधवार शाम एक 24 वर्षीय महिला के साथ गैंगरेप की सनसनीखेज घटना सामने आई है। मेडिकल कॉलेज में छह महीने पहले हुए इसी तरह के एक मामले के बाद यह घटना शहर में फिर से आक्रोश और राजनीतिक तूफान का कारण बन गई है।
पीड़िता के अनुसार, वह कॉलेज में परीक्षा फॉर्म जमा करने आई थी और शुरुआत में छात्र संघ कक्ष में बैठी थी। घटना शाम 7:30 बजे से रात 10:50 बजे के बीच कॉलेज परिसर में हुई, जब मुख्य गेट बंद कर उसे सुरक्षा गार्ड के कमरे में ले जाकर दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो छात्र और तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (TMCP) का एक जिला महासचिव शामिल है।
गिरफ्तार आरोपियों में मनोजीत मिश्रा (31), पूर्व छात्र और साउथ कोलकाता जिला TMCP का मौजूदा महासचिव, ज़ैब अहमद (19), प्रथम वर्ष का छात्र, और प्रमित मुखर्जी (20), छात्र बताया गया है। मिश्रा और अहमद को गुरुवार शाम कासबा इलाके से पकड़ा गया, जबकि प्रमित को उसी रात उसके घर से गिरफ्तार किया गया। सभी के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
पुलिस ने पीड़िता का प्राथमिक मेडिकल परीक्षण कराया है और कई गवाहों के बयान दर्ज किए हैं।
घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा, "पूरी कोलकाता पुलिस रथ यात्रा के लिए दीघा भेज दी गई है, फिर यहां सुरक्षा कौन देख रहा है? मुख्यमंत्री को अब पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है।"
भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर घटना को भयावह बताते हुए टीएमसी शासन पर हमला बोला और इसे “महिलाओं के लिए दुःस्वप्न” करार दिया। उन्होंने पहले आरजी कार मेडिकल कॉलेज में हुई गैंगरेप की घटना का भी जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा पीड़िता को न्याय दिलाकर रहेगी।
वहीं कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है। फिलहाल मुझे इसकी जानकारी नहीं है, पुलिस से अपडेट लेकर मैं इस पर बात करूंगा।”
राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।