Last Updated Sep - 02 - 2025, 04:59 PM | Source : Fela News
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का नया ‘सहयोगी समीकरण’ चर्चा में है। राजनीतिक विश्लेषक इसे अखिलेश यादव के PDA फार्मूले का विरोध और मुकाबला मान रहे हैं।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों सहयोगियों को लेकर हलचल तेज है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने तेवर बदले हैं और बीजेपी के सहयोगी दलों के साथ तालमेल पर खास ध्यान देना शुरू किया है। इसे राजनीतिक गलियारों में अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फार्मूले की काट के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि योगी का यह कदम बीजेपी की 2027 की रणनीति का हिस्सा है, जहां पार्टी हर वर्ग को साधने की कोशिश करेगी। छोटे दलों के साथ मजबूत समीकरण बनाकर बीजेपी विपक्ष के सामाजिक समीकरण को कमजोर करना चाहती है।
हालांकि कुछ जानकारों का कहना है कि यह सिर्फ PDA का जवाब नहीं बल्कि यूपी की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों में जरूरी रणनीति है। योगी का यह रुख आगे आने वाले चुनावों में बड़ा असर डाल सकता है और सहयोगियों के लिए भी राजनीतिक महत्व बढ़ा सकता है।