Header Image

पाकिस्तान जासूसी मामले में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा सहित 12 गिरफ्तार

पाकिस्तान जासूसी मामले में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा सहित 12 गिरफ्तार

Last Updated May - 20 - 2025, 02:36 PM | Source : Fela News

भारत में एक बहु-राज्यीय अभियान के तहत, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें हरियाणा की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा
पाकिस्तान जासूसी मामले में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा सहित 12 गिरफ्तार
पाकिस्तान जासूसी मामले में यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा सहित 12 गिरफ्तार

हरियाणा के हिसार में रहने वाली 34 वर्षीय ज्योति मल्होत्रा, जो "ट्रैवल विद जो" नामक यूट्यूब चैनल चलाती थीं, को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।  उन पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी को भेजी।  जांच में पता चला है कि वह एक पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी के साथ रिश्ते में थीं और उनके साथ बाली जैसी जगहों की यात्रा भी की थी।  उन्होंने व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके संवेदनशील जानकारी साझा की। 

ज्योति मल्होत्रा की यात्राओं पर भी जांच एजेंसियों की नजर है।  उन्होंने पिछले दो-तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज और वृंदावन की कई बार यात्रा की थी।  उनके यूट्यूब चैनल पर इन स्थानों के वीडियो भी पोस्ट किए गए हैं, जिससे संदेह है कि वह इन यात्राओं के दौरान संवेदनशील जानकारी एकत्र कर रही थीं।  

इस मामले में ज्योति मल्होत्रा के अलावा 11 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है।  इनमें पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से संबंधित लोग शामिल हैं।  गिरफ्तार किए गए लोगों में एक लोकल चिकित्सक और एक पोस्ट-ग्रेजुएट छात्र भी शामिल हैं। 

जांच एजेंसियों ने ज्योति मल्होत्रा की गतिविधियों को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पकड़ा, जो एक व्यापक जांच अभियान है।  इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना है जो विदेशी खुफिया एजेंसियों के लिए काम कर रहे हैं और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं। 

ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी के बाद, उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच की जा रही है।  उनका इंस्टाग्राम अकाउंट निलंबित कर दिया गया है, जबकि यूट्यूब और फेसबुक प्रोफाइल अभी भी सक्रिय हैं।  जांच एजेंसियां उनके द्वारा साझा की गई सामग्री की गहन जांच कर रही हैं। 

इस मामले ने सोशल मीडिया के माध्यम से जासूसी गतिविधियों के बढ़ते खतरे को उजागर किया है।  यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चेतावनी है कि कैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का दुरुपयोग करके देश की सुरक्षा को खतरे में डाला जा सकता है।

जांच अभी भी जारी है, और सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने में लगी हुई हैं।  यह मामला देश की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है और इसके समाधान के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

Share :

Trending this week

CJP चीफ का बयान वायरल

Jun - 12 - 2026

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के राज्यसभा सांसद स... Read More

TMC के 19 सांसदों ने स्पीकर को लिखी चिट्ठी

Jun - 12 - 2026

ममता बनर्जी के खिलाफ बगावत की चर्चाओं के बीच सामने आई 19 ट... Read More

'370 रुपये बिरयानी' विवाद बढ़ा

Jun - 12 - 2026

370 Rupees Biryani Controversy:गुरुग्राम के चर्चित ‘370 रुपये बिरयानी’ वि... Read More