Last Updated Feb - 04 - 2026, 05:58 PM | Source : Fela News
जोमैटो के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने पूर्व कर्मचारियों को वापस लौटने की अपील करते हुए भावुक पोस्ट साझा किया है। कंपनी के भीतर हालिया बदलावों और कर्मचारियों से रिश
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के संस्थापक और सीईओ दीपिंदर गोयल का एक भावुक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में है, जिसमें उन्होंने कंपनी छोड़ चुके पूर्व कर्मचारियों से वापस लौटने की अपील की है। गोयल ने पोस्ट में लिखा कि “लौट के आ जाओ, जो हुआ सो हुआ,” और यह भी कहा कि बीते समय में जो फैसले या परिस्थितियां रहीं, उन्हें पीछे छोड़कर आगे बढ़ा जा सकता है। इस बयान को कंपनी के आंतरिक माहौल और हालिया कॉरपोरेट बदलावों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ समय में जोमैटो में बड़े स्तर पर संगठनात्मक बदलाव हुए हैं। लागत नियंत्रण, स्ट्रक्चर में बदलाव और रणनीतिक फैसलों के चलते कई कर्मचारियों ने कंपनी छोड़ी थी। इसी पृष्ठभूमि में दीपिंदर गोयल का यह संदेश सामने आया है, जिसे कुछ लोग कर्मचारियों के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।
अपने पोस्ट में गोयल ने यह भी संकेत दिया कि स्टार्टअप्स के सफर में कठिन फैसले लेने पड़ते हैं, जिनसे सभी खुश नहीं हो पाते। उन्होंने यह स्वीकार किया कि कुछ फैसलों से लोगों को व्यक्तिगत तौर पर ठेस पहुंची हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जोमैटो आज भी उन लोगों के योगदान को महत्व देता है, जिन्होंने कंपनी को बनाने में भूमिका निभाई थी।
इस बीच, सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ पूर्व और मौजूदा कर्मचारियों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है, जबकि कुछ ने सवाल उठाए हैं कि क्या भावनात्मक अपील के साथ-साथ नीतिगत बदलाव भी होंगे। सवाल उठाए जा रहे हैं कि क्या कंपनी कार्यसंस्कृति, जॉब सिक्योरिटी और संवाद की प्रक्रिया में भी सुधार करेगी।
वहीं दूसरी ओर, स्टार्टअप और कॉरपोरेट जगत से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस तरह की सार्वजनिक अपील असामान्य है, लेकिन यह दिखाती है कि कंपनियां अब कर्मचारियों के साथ रिश्तों को लेकर ज्यादा संवेदनशील होने की कोशिश कर रही हैं। प्रशासन या कंपनी की ओर से इस पोस्ट के बाद किसी औपचारिक एचआर नीति में बदलाव को लेकर फिलहाल कोई घोषणा नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि गोयल की इस अपील का व्यावहारिक असर क्या होता है और क्या वाकई कुछ पूर्व कर्मचारी कंपनी में वापसी का निर्णय लेते हैं। फिलहाल, यह पोस्ट जोमैटो के कॉरपोरेट कल्चर और नेतृत्व शैली को लेकर एक नई बहस को जन्म दे रही है।
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