Last Updated Jan - 06 - 2026, 01:18 PM | Source : Fela News
Dark Space: अंतरिक्ष में सूरज और अनगिनत तारे मौजूद हैं, फिर भी इसका ज्यादातर हिस्सा अंधेरा नजर आता है। ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसा क्यों होता है और इसके पीछे क्
Dark Space: अंतरिक्ष में सूरज, अरबों तारे, चमकती हुई आकाशगंगाएं और जबरदस्त ऊर्जा मौजूद है। इसके बावजूद अंतरिक्ष का ज्यादातर हिस्सा अंधेरा दिखाई देता है। ऐसा इसलिए नहीं है कि वहां रोशनी नहीं है, बल्कि इसकी वजह रोशनी का फैलना, ब्रह्मांड का विस्तार और इंसानी आंखों की सीमाएं हैं।
अंतरिक्ष में वातावरण नहीं है
पृथ्वी पर आसमान नीला और चमकदार दिखता है क्योंकि सूरज की रोशनी हमारे वातावरण से टकराकर चारों ओर फैल जाती है। हवा के कण, धूल और पानी की भाप रोशनी को बिखेर देते हैं, जिससे पूरा आसमान रोशन नजर आता है।
वहीं अंतरिक्ष में लगभग कोई वातावरण नहीं होता। वहां न हवा है, न धूल। इस कारण रोशनी फैल नहीं पाती और सीधी रेखा में आगे बढ़ती है। जब तक रोशनी किसी ग्रह, चांद या स्पेसक्राफ्ट से टकराकर सीधे हमारी आंखों तक नहीं पहुंचती, तब तक वह दिखाई नहीं देती। यही वजह है कि अंतरिक्ष अंधेरा लगता है।
फैलता हुआ ब्रह्मांड
वैज्ञानिकों के सामने एक सवाल रहा है कि अगर ब्रह्मांड में इतने सारे तारे हैं, तो फिर रात का आसमान पूरी तरह उजला क्यों नहीं होता। इसका जवाब ब्रह्मांड की उम्र और उसके फैलाव में छिपा है।
ब्रह्मांड करीब 13.8 अरब साल पुराना है। बहुत दूर मौजूद तारों और गैलेक्सियों की रोशनी को हम तक पहुंचने में अभी समय लग रहा है। इसलिए कई जगहों की रोशनी अब तक हम तक नहीं पहुंची है और वे हिस्से अंधेरे दिखाई देते हैं।
इंसानी आंखों की सीमाएं
एक बड़ी वजह यह भी है कि इंसानी आंखें हर तरह की रोशनी नहीं देख सकतीं। अगर हम इंफ्रारेड, अल्ट्रावायलेट या रेडियो तरंगों को देख पाते, तो अंतरिक्ष कभी अंधेरा नजर नहीं आता। तब यह ऊर्जा, गर्मी और रेडिएशन से भरा हुआ दिखाई देता।
इसके अलावा, तारे पूरे ब्रह्मांड में समान रूप से फैले नहीं हैं, बल्कि वे गैलेक्सियों के रूप में समूहों में मौजूद हैं। यही कारण है कि अंतरिक्ष का बड़ा हिस्सा हमें अंधेरा दिखाई देता है।