Last Updated Feb - 19 - 2026, 01:38 PM | Source : Fela News
एक्सपर्ट्स के अनुसार रागी महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद अनाज है। यह हड्डियां मजबूत करता है, खून की कमी दूर करता है और हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं परिवार, करियर और घर की जिम्मेदारियों के बीच अक्सर अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। इसका असर उनके शरीर पर धीरे-धीरे दिखने लगता है। कमजोरी, थकान, खून की कमी, हड्डियों का कमजोर होना और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ और न्यूट्रिशनिस्ट महिलाओं को अपने आहार में पोषक तत्वों से भरपूर अनाज शामिल करने की सलाह देते हैं। इन्हीं में से एक अनाज है रागी, जिसे महिलाओं की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।
न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन के अनुसार, रागी पोषण का एक बेहतरीन स्रोत है और हर महिला को इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। रागी में कैल्शियम, आयरन, फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं। खासतौर पर महिलाओं के लिए यह अनाज कई जरूरी पोषण जरूरतों को पूरा करता है।
रागी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। महिलाओं में उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। रागी में मौजूद उच्च मात्रा का कैल्शियम हड्डियों को मजबूती देता है और इस खतरे को कम करता है। यही कारण है कि डॉक्टर और विशेषज्ञ इसे नियमित रूप से खाने की सलाह देते हैं।
इसके अलावा रागी खून की कमी यानी एनीमिया को दूर करने में भी सहायक होता है। इसमें मौजूद आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे कमजोरी और थकान कम होती है। जिन महिलाओं को अक्सर चक्कर आना या थकावट महसूस होती है, उनके लिए रागी एक प्राकृतिक समाधान साबित हो सकता है।
रागी का सेवन हार्मोनल बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करता है। आजकल अनियमित खानपान और तनाव के कारण कई महिलाओं को हार्मोनल असंतुलन की समस्या होती है। रागी में मौजूद फाइबर और अन्य पोषक तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं और हार्मोनल स्वास्थ्य को संतुलित रखने में सहायता करते हैं।
इसके अलावा रागी वजन नियंत्रण में भी मदद करता है। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार भूख नहीं लगती। इससे ओवरईटिंग की समस्या कम होती है और वजन संतुलित रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, रागी को कई तरीकों से डाइट में शामिल किया जा सकता है। रागी की रोटी, दलिया, डोसा या रागी का आटा इस्तेमाल करके रोजाना भोजन में इसे शामिल किया जा सकता है। यह न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी देता है।
कुल मिलाकर, रागी महिलाओं की सेहत के लिए एक सुपरफूड की तरह काम करता है। यह शरीर को ताकत देने, हड्डियों को मजबूत करने, खून की कमी दूर करने और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित रूप से रागी का सेवन महिलाओं को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकता है।
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