Last Updated Mar - 19 - 2026, 11:13 AM | Source : Fela News
Ayodhya Shri Ram Yantra: श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या मंदिर के दूसरे तल पर दुनिया का पहला ‘श्री राम यंत्र’ स्थापित किया जाएगा। हिंदू नववर्ष और चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर 19 मार्च को इसकी स्थापना तय की गई है, जिसे बेहद खास माना जा रहा है।
Ayodhya Shri Ram Yantra: अयोध्या में भगवान राम की जन्मभूमि एक बार फिर ऐतिहासिक और आध्यात्मिक घटना की साक्षी बनने जा रही है। राम मंदिर के दूसरे तल पर दुनिया का पहला ‘श्री राम यंत्र’ स्थापित किया जाएगा, जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस खास अवसर से पहले नौ दिवसीय अनुष्ठान चल रहा है, जिसमें देशभर के संत और वैदिक विद्वान शामिल हैं।
19 मार्च को होगी स्थापना
पंचांग के अनुसार, 19 मार्च को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि है। इसी दिन हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत भी हो रही है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इस दिन को बेहद शुभ माना जा रहा है। अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:55 बजे वैदिक विधि से श्री राम यंत्र की स्थापना की जाएगी।
क्या है श्री राम यंत्र
सनातन परंपरा में यंत्रों का विशेष महत्व होता है, जैसे श्री यंत्र, कुबेर यंत्र और नवग्रह यंत्र। उसी तरह श्री राम यंत्र भगवान राम की दिव्य शक्ति का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि जहां यह यंत्र स्थापित होता है, वहां का वातावरण पवित्र और सकारात्मक हो जाता है।
दो साल से चल रही थी तैयारी
जानकारी के अनुसार, यह यंत्र पिछले दो वर्षों से राम मंदिर परिसर में सुरक्षित रखा गया था और इसकी नियमित पूजा की जा रही थी। अब इसे विधिवत स्थापित किया जाएगा, जिससे मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और बढ़ेगी।
ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष के अनुसार, श्री राम यंत्र का संबंध गुरु ग्रह और धर्म भाव से जोड़ा जाता है। गुरु ज्ञान, धर्म और सदाचार का कारक माना जाता है। मान्यता है कि इस यंत्र की स्थापना से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और जीवन में शांति, सफलता और प्रतिष्ठा मिलती है।
भगवान राम को सूर्यवंशी माना जाता है, इसलिए इस यंत्र में सूर्य का प्रभाव भी देखा जाता है, जो आत्मबल और नेतृत्व का प्रतीक है।
इस तरह अयोध्या में श्री राम यंत्र की स्थापना को धर्म, आस्था और ज्योतिष का अनोखा संगम माना जा रहा है, जो भविष्य में श्रद्धालुओं के लिए आस्था का बड़ा केंद्र बन सकता है।
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