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Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि की अष्टमी-नवमी कब ? जानें डेट, पूजा मुहूर्त, कन्या पूजन किस दिन होगा

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि की अष्टमी-नवमी कब ? जानें डेट, पूजा मुहूर्त, कन्या पूजन किस दिन होगा

Last Updated Mar - 07 - 2026, 01:20 PM | Source : Fela News

Chaitra Navratri Ashtami-Navami 2026: इस साल चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से होने जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार अष्टमी 26 मार्च और नवमी 27 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इन दोनों तिथियों पर पूजा का विशेष महत्व होता है और इसी दिन कन्या पूजन भी किया जाता है।
चैत्र नवरात्रि की अष्टमी-नवमी कब ?
चैत्र नवरात्रि की अष्टमी-नवमी कब ?

Chaitra Navratri 2026:चैत्र नवरात्रि इस साल 19 मार्च 2026 से शुरू होने जा रही है। पहले दिन घटस्थापना की जाएगी और इसके बाद पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे। देवी भागवत पुराण और मार्कंडेय पुराण के अनुसार नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि इन दिनों देवी की श्रद्धा से पूजा करने पर भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और नवरात्रि की साधना पूर्ण मानी जाती है।

घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

घटस्थापना का मुहूर्त सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।

चैत्र नवरात्रि अष्टमी 2026

चैत्र नवरात्रि की अष्टमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि 25 मार्च को दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी और 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर समाप्त होगी।

पूजा का शुभ समय सुबह 6 बजकर 20 मिनट से 7 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। दूसरा मुहूर्त सुबह 10 बजकर 56 मिनट से दोपहर 2 बजकर 1 मिनट तक है, जबकि शाम का मुहूर्त शाम 5 बजकर 6 मिनट से रात 9 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।

इस दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मां महागौरी को सौभाग्य और विवाह की देवी माना जाता है। माना जाता है कि अविवाहित कन्याएं श्रद्धा से इनकी पूजा करती हैं तो उन्हें योग्य वर की प्राप्ति होती है, वहीं विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

चैत्र नवरात्रि नवमी 2026

नवरात्रि की नवमी 27 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। नवमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 48 मिनट पर शुरू होगी और 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी। पूजा का शुभ समय सुबह 6 बजकर 18 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।

नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। मान्यता है कि उनकी पूजा करने से बुद्धि, विवेक और ज्ञान में वृद्धि होती है। साथ ही साधना करने वालों को आध्यात्मिक शक्ति और मानसिक शांति प्राप्त होती है।

कन्या पूजन का महत्व

चैत्र नवरात्रि में अष्टमी और नवमी दोनों दिन कन्या पूजन के लिए शुभ माने जाते हैं। पुराणों के अनुसार कन्या पूजन से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।

शास्त्रों में भी कहा गया है कि जहां कन्याओं का सम्मान और पूजन किया जाता है, वहां देवी प्रसन्न होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

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