Last Updated Feb - 23 - 2026, 10:44 AM | Source : Fela News
Holashtak 2026: इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च 2026 को होगा. होली से आठ दिन पहले 24 फरवरी से होलाष्टक शुरू होंगे. इस दौरान विवाह और मुंडन नहीं, लेकिन पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है.
Holashtak 2026:होलाष्टक 24 फरवरी से 3 मार्च तक रहेंगे. फाल्गुन अष्टमी से लेकर होलिका दहन तक इन आठ दिनों में विवाह, वाहन खरीद, नया निर्माण और अन्य मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में ग्रहों की स्थिति उग्र मानी जाती है, जिससे शुभ कार्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, होलाष्टक के दौरान अलग-अलग तिथियों पर चंद्रमा, सूर्य, शनि, शुक्र, गुरु, बुध, मंगल और राहु उग्र अवस्था में रहते हैं. इसलिए इन दिनों में 16 संस्कारों में से कोई भी संस्कार करने से बचने की सलाह दी जाती है. हालांकि, यदि किसी कारणवश अंत्येष्टि संस्कार करना पड़े तो शांति पूजा कराई जाती है.
होलाष्टक में भले ही शुभ कार्यों की मनाही हो, लेकिन पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना गया है. इस दौरान भगवान विष्णु, भगवान हनुमान और भगवान नरसिंह की आराधना करने का विधान है. महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना भी शुभ बताया गया है. बदलते मौसम को देखते हुए इन दिनों में अनुशासित दिनचर्या और स्वच्छता पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है.
मान्यता है कि संतान प्राप्ति के लिए लड्डू गोपाल की पूजा, करियर में सफलता के लिए हवन और आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए विशेष पूजन किया जा सकता है. अच्छी सेहत और सुखमय जीवन के लिए हनुमान चालीसा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करने की भी सलाह दी जाती है.
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